यॉर्क: कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और रणनीति सटीक, तो दुनिया के सबसे कठिन बाजार ‘वॉल स्ट्रीट’ पर भी अपना परचम लहराया जा सकता है। भारतीय मूल की दिग्गज निवेशक माला गाओनकर (Mala Gaonkar) ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उनके हेज फंड सुरगोकैप पार्टनर्स (SurgoCap Partners) ने महज तीन साल के भीतर अपनी एसेट्स (संपत्ति) को तिगुना करते हुए 6 बिलियन डॉलर (करीब 50,000 करोड़ रुपये) के आंकड़े को छू लिया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि सुरगोकैप का डेब्यू किसी भी महिला द्वारा संचालित हेज फंड के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा डेब्यू था। जनवरी 2023 में जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब इसके पास 1.8 बिलियन डॉलर की पूंजी थी, जो आज बढ़कर 6 बिलियन डॉलर हो चुकी है।
डेटा साइंस और तकनीक का बेजोड़ संगम
56 वर्षीय माला गाओनकर की सफलता के पीछे उनकी अनोखी निवेश शैली है। वह निवेश के लिए केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं रहतीं, बल्कि डेटा साइंस (Data Science) का इस्तेमाल करती हैं। उनका मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि तकनीक कैसे वित्तीय सेवाओं (Financials), औद्योगिक क्षेत्रों (Industrials), हेल्थकेयर और एंटरप्राइज डेटा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को बेहतर बना सकती है।
माला का मानना है कि आज के दौर में तकनीक केवल एक सेक्टर नहीं है, बल्कि यह हर इंडस्ट्री की कार्यक्षमता बढ़ाने का जरिया है। इसी सोच ने उनके फंड को कम समय में इतनी ऊंची उड़ान दी है।
‘वन पिज्जा बॉक्स’ टीम का कमाल
आजकल जहां कंपनियां हजारों की फौज खड़ी करने में विश्वास रखती हैं, वहीं माला गाओनकर की सोच बिल्कुल अलग है। उन्होंने अपनी निवेश टीम को जानबूझकर छोटा रखा है। हाल ही में एक पॉडकास्ट (‘In Good Company’) में उन्होंने अपनी सफलता का एक दिलचस्प राज साझा किया।
माला ने बताया कि वह जेफ बेजोस (Jeff Bezos) की “टू-पिज्जा टीम” थ्योरी से प्रेरित हैं, लेकिन वह इसे एक कदम और आगे ले गई हैं। माला के मुताबिक, उनकी पूरी टीम इतनी छोटी है कि वह एक ही पिज्जा बॉक्स में समा सकती है। उनका मानना है कि जब टीम छोटी होती है, तो विचारों का आदान-प्रदान बेहतर होता है और फैसले तेजी से लिए जाते हैं।
बेंगलुरु से न्यूयॉर्क तक का सफर
माला गाओनकर का भारत से गहरा नाता है। उनका जन्म भले ही अमेरिका में हुआ हो, लेकिन उनकी परवरिश मुख्य रूप से भारत की सिलिकॉन वैली यानी बेंगलुरु में हुई। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से पढ़ाई करने वाली माला ने वॉल स्ट्रीट पर अपनी पहचान बनाने से पहले दिग्गज निवेशक स्टीव मेंडल की कंपनी Lone Pine Capital में दो दशक से ज्यादा समय बिताया। वहां वह तीन मुख्य पोर्टफोलियो मैनेजरों में से एक थीं। 2022 में उन्होंने खुद का रास्ता चुना और सुरगोकैप की नींव रखी।
चुनौतियों के बीच बनाई अपनी जगह
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में हेज फंड इंडस्ट्री के लिए समय थोड़ा कठिन रहा है। अमेरिकी पेंशन फंड और अन्य बड़े संस्थान निजी इक्विटी (Private Equity) में पैसा फंसे होने के कारण नए फंडों में निवेश करने से कतरा रहे हैं। इसके बावजूद माला गाओनकर का फंड जिस रफ्तार से बढ़ा है, उसने बाजार के दिग्गजों को हैरान कर दिया है।
अब सुरगोकैप की तुलना बॉबी जैन (Bobby Jain) और डिएगो मेगिया (Diego Megia) जैसे दिग्गजों के फंड से की जा रही है। माला की यह सफलता न केवल भारतीय मूल के लोगों के लिए गर्व की बात है, बल्कि दुनिया भर की महिला निवेशकों के लिए एक मिसाल भी है।
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