मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। सूबे में नगर निगम चुनावों (Maharashtra Civic Polls) के लिए अभी वोटिंग शुरू भी नहीं हुई है, लेकिन सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने अपनी जीत का परचम लहराना शुरू कर दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 नगर निगमों की 69 सीटों में से 68 सीटों पर महायुति के उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है। इसमें सबसे बड़ा फायदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हुआ है।
नामांकन वापसी के दिन पलटी बाजी
2 जनवरी को नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था और इसी दिन शाम होते-होते राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। बीजेपी के 44 और एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना के 22 उम्मीदवार बिना किसी मुकाबले के चुनाव जीत गए हैं। यानी इन सीटों पर अब 15 जनवरी को वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा अजित पवार की एनसीपी को 2 और मालेगांव में एक इस्लामिक पार्टी के उम्मीदवार को निर्विरोध जीत मिली है।
बागियों ने बढ़ाई धड़कनें, कहीं हंगामा तो कहीं मातम
भले ही महायुति के लिए आंकड़े खुश करने वाले हों, लेकिन नामांकन वापसी के दौरान पूरे महाराष्ट्र में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। नासिक से लेकर सोलापुर तक नेताओं को अपने ही बागियों को मनाने के लिए पसीने छूट गए।
सोलापुर में झड़प: सोलापुर में तो हालात इतने बिगड़ गए कि बीजेपी के ही दो गुट आपस में भिड़ गए। इस हिंसक झड़प में एक पार्टी कार्यकर्ता की मौत हो गई, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
नागपुर का ‘हाउस अरेस्ट’ ड्रामा: नागपुर में बीजेपी के बागी किसान गावंडे को लेकर दिलचस्प खबर आई। बताया जा रहा है कि समर्थकों ने उन्हें घर में ही बंद कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने पार्टी के निर्देशों को मानने का फैसला किया।
कहां किसे मिली कितनी सीटें?
सबसे ज्यादा कामयाबी कल्याण में देखने को मिली, जहां बीजेपी के 15 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
कल्याण-डोम्बिवली: बीजेपी को 15 और शिवसेना को 7 सीटें मिलीं।
ठाणे: शिवसेना का दबदबा रहा और 7 सीटें उनके खाते में गईं।
भिवंडी और पनवेल: इन इलाकों में भी बीजेपी ने 6-6 सीटों पर कब्जा जमाया।
जलगांव: यहां बीजेपी और शिवसेना दोनों को 6-6 सीटें मिलीं, जबकि अजित पवार की एनसीपी ने 2 सीटें जीतीं।
विपक्ष की रणनीति हुई फेल?
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की कोशिशों के बावजूद कई वार्डों में उनके बागी मैदान से नहीं हटे। मुंबई के वार्ड नंबर 60, 173 और 180 जैसे इलाकों में बीजेपी के बागी भी डटे हुए हैं, जो गठबंधन के लिए सिरदर्द बन सकते हैं। वहीं, कांग्रेस में विकास ठाकरे और नितिन राउत जैसे दिग्गज नेता दिनभर बागियों को मनाने की जुगत में लगे रहे।
भिवंडी में तो महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच दरार साफ दिखी, जहां गठबंधन टूट गया और दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ पर्चे भर दिए। अब सबकी नजरें 15 जनवरी को होने वाली वोटिंग पर हैं, जहां बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) सहित सभी 29 नगर निगमों के भाग्य का फैसला होगा। नतीजे 16 जनवरी को आएंगे।
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