जापान की ‘माचा टी’ का लखनऊ में हुआ ऐसा हाल! कुल्हड़ में उबालकर बना दी ‘गरमाचा’, वीडियो देख सिर पकड़ लेंगे आप

जापान की 'माचा टी' का लखनऊ में हुआ ऐसा हाल! कुल्हड़ में उबालकर बना दी 'गरमाचा', वीडियो देख सिर पकड़ लेंगे आप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपनी नजाकत, तहजीब और ‘टुंडे कबाबी’ के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन अब यह शहर एक नए और बेहद अजीबोगरीब कारण से इंटरनेट पर छाया हुआ है। अगर आप चाय के शौकीन हैं और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं, तो आपने ‘माचा टी’ (Matcha Tea) का नाम तो सुना ही होगा। जापान की यह पारंपरिक चाय अपनी खास बनावट और सेहत के फायदों के लिए जानी जाती है, लेकिन लखनऊ के एक स्ट्रीट वेंडर ने इसे जो ‘देसी रंग’ दिया है, उसे देखकर लोग अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं।

जब जापान की ‘माचा’ को मिला ‘भारतीय पासपोर्ट’

कहते हैं कि भारत में कोई भी विदेशी चीज आए, हम उसे अपने हिसाब से ढाले बिना नहीं रहते। लखनऊ के एक स्थानीय दुकानदार ने जापानी माचा के साथ कुछ ऐसा ही किया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर ऐसा लग रहा है कि माचा को अब आधिकारिक तौर पर ‘भारतीय पासपोर्ट’ मिल गया है। वेंडर ने जापान के इस नाजुक चाय अनुष्ठान को पूरी तरह से ‘देसी ड्रामे’ में बदल दिया है।

‘गरमाचा’: पीतल के पतीले और कुल्हड़ का स्वैग

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक वेंडर बड़े ही गर्व से ‘गरम माचा चाय’ तैयार कर रहा है। जहां जापान में माचा को एक शांत माहौल में लकड़ी के ब्रश से धीरे-धीरे फेंटा (Whisk) जाता है, वहीं लखनऊ के इस भाई साहब ने इसे साधारण चाय की तरह बड़े से पीतल के पतीले में खूब उबाला है। गहरे हरे रंग का यह ‘ब्रू’ पतीले में उबल रहा है और भाप निकल रही है। वेंडर एक लंबी स्टील की कड़छी से उसे बार-बार उछाल रहा है, बिल्कुल वैसे ही जैसे किसी व्यस्त चाय की टपरी पर कड़क चाय बनाई जाती है।

नजारा देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि यह कोई जापानी ड्रिंक है, बल्कि यह लखनऊ की किसी गली का जाना-पहचाना चाय स्टाल नजर आता है। लेकिन असली ट्विस्ट अभी बाकी था। जब इस गरमा-गरम माचा को परोसने की बारी आई, तो वेंडर ने इसे किसी कप या कांच के गिलास में नहीं, बल्कि मिट्टी की सोंधी खुशबू वाले ‘कुल्हड़’ में डाला। कुल्हड़, जो हमारी भारतीय चाय संस्कृति की जान है, अब जापानी माचा का नया घर बन गया है।

‘माचा के चाचा’ ने इंटरनेट पर मचाया गदर

Viral Video

वीडियो पर लिखे टेक्स्ट में वेंडर को मजाकिया अंदाज में “माचा के चाचा” कहा गया है और इस अनोखे ड्रिंक को “गरमाचा” (Garmatcha) नाम दिया गया है। वीडियो के कैप्शन में दावा किया गया है कि यह खास आइटम सिर्फ लखनऊ में ही मिल सकता है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस फ्यूजन को देखकर हैरान भी हैं और थोड़े परेशान भी।

कमेंट सेक्शन में चुटकुलों की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा, “बेचारा माचा अब कोने में बैठकर रो रहा होगा।” वहीं दूसरे यूजर ने इस चटख हरे रंग की चाय की तुलना ‘पुदीने की चटनी’ से कर दी। कुछ लोगों ने तो इसे “केमिकल वाला पानी” तक कह दिया, तो वहीं एक शख्स ने इसे “तंदूरी माचा” का नाम दे दिया।

क्रिएटिविटी या बर्बादी? बहस छिड़ गई है

हालांकि, हर कोई इसे मजाक में नहीं ले रहा है। चाय के जानकारों और जापान की संस्कृति को समझने वालों ने इस पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि माचा को कभी भी उबाला नहीं जाता, क्योंकि उबालने से उसका स्वाद और उसके गुण खत्म हो जाते हैं। माचा को हमेशा हल्के गरम पानी या दूध के साथ फेंट कर बनाया जाता है।

लेकिन इन आलोचनाओं के बीच कई लोग ऐसे भी हैं जो वेंडर की रचनात्मकता की तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि भारत में हर चीज का ‘देसी वर्जन’ बनता है और यही हमारी खासियत है। यह वीडियो इस बात का बड़ा उदाहरण है कि कैसे ग्लोबल फूड ट्रेंड्स को हम अपने स्थानीय रंग में ढाल लेते हैं। जो भी हो, लखनऊ की इस ‘गरमाचा’ ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में तो सफलता हासिल कर ली है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

    View all posts
Exit mobile version