Current date 20/03/2026

Lalu ने तेज प्रताप को RJD और परिवार से किया बाहर

URL copied
Lalu ने तेज प्रताप को RJD और परिवार से किया बाहर
Share URL copied

पटना, 25 मई 2025

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव Tej Pratap  को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कदम एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उठाया गया, जिसमें तेज प्रताप के संबंध स्थिति को लेकर चर्चा हुई थी। लालू यादव ने अपने इस फैसले का कारण बताते हुए कहा कि “नैतिक मूल्यों की अनदेखी” करने वाला व्यक्तिगत जीवन सामाजिक न्याय के लिए समुदाय के संघर्ष को कमजोर करता है।

लालू यादव का बयान: पारिवारिक मूल्यों से समझौता नहीं

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने बयान में कहा, “बड़े बेटे की गतिविधियां, सार्वजनिक व्यवहार और गैरजिम्मेदाराना आचरण हमारे परिवार के मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। वर्तमान परिस्थितियों में, मैं उन्हें पार्टी और परिवार से हटा रहा हूं। अब से, पार्टी और परिवार में उनकी कोई भूमिका नहीं होगी। उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि तेज प्रताप अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में स्वयं निर्णय ले सकते हैं। “जो भी उनके संपर्क में रहना चाहता है, वह स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकता है। मैंने हमेशा सार्वजनिक जीवन में शालीनता की वकालत की है। परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने इसका पालन किया है,” लालू यादव ने कहा।

विवादित फेसबुक पोस्ट का मामला

तेज प्रताप के निष्कासन के केंद्र में एक अब हटाई गई सोशल मीडिया पोस्ट है। कल तेज प्रताप यादव के फेसबुक प्रोफाइल से एक महिला के साथ उनकी एक तस्वीर साझा की गई थी। पोस्ट में महिला की पहचान अनुष्का यादव के रूप में की गई थी और कहा गया था कि वह और आरजेडी नेता पिछले 12 वर्षों से एक संबंध में हैं।

पोस्ट में लिखा था, “मैं तेज प्रताप यादव हूं और इस तस्वीर में जो लड़की मेरे साथ दिख रही है, वह अनुष्का यादव है। हम दोनों पिछले 12 साल से एक-दूसरे को जानते हैं और गहराई से प्यार करते हैं। हम इन वर्षों में एक रिश्ते में रहे हैं। मैं लंबे समय से आप सभी के साथ यह साझा करना चाहता था, लेकिन सही शब्द नहीं मिल पा रहे थे। आज, इस पोस्ट के माध्यम से, मैं अपना दिल आप लोगों के सामने खोल रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि आप सभी समझेंगे।”

आलोचनाओं का सामना और हैकिंग का दावा

इस पोस्ट ने आलोचनाओं का तूफान खड़ा कर दिया, क्योंकि कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर आरजेडी नेता पहले से ही एक रिश्ते में थे, तो उन्होंने 2018 में पूर्व बिहार मंत्री चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या से शादी क्यों की। तेज प्रताप और ऐश्वर्या शादी के कुछ महीनों बाद ही अलग हो गए थे।

फेसबुक पोस्ट के चर्चा में आने के कुछ ही देर बाद, इसे हटा दिया गया और तेज प्रताप ने दावा किया कि उनकी प्रोफाइल हैक कर ली गई थी। “मेरा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैक कर लिया गया था और मेरी तस्वीरें गलत तरीके से संपादित की गईं,” तेज प्रताप ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, जिसमें वायरल पोस्ट का जिक्र किया गया था।

परिवार के अन्य सदस्यों की प्रतिक्रियाएं

तेज प्रताप के छोटे भाई और आरजेडी के चेहरे तेजस्वी यादव ने कहा कि जहां तक उनकी बात है, ऐसी चीजों को “बर्दाश्त नहीं किया जा सकता”। उन्होंने कहा, “हम अपना काम कर रहे हैं, हम बिहार के प्रति समर्पित हैं और हम लोगों के मुद्दों को उठा रहे हैं। जहां तक मेरे बड़े भाई का सवाल है, राजनीतिक जीवन और व्यक्तिगत जीवन अलग-अलग हैं। उन्हें अपने व्यक्तिगत निर्णय लेने का अधिकार है। वह वयस्क हैं और निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हमारे पार्टी के अध्यक्ष ने इसे स्पष्ट कर दिया है।”

लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने कहा कि जो लोग “परिवार”, “परवरिश” और “शालीनता” को ध्यान में रखते हैं, उन्हें कभी सवालों का सामना नहीं करना पड़ता। “जो शालीनता का त्याग करते हैं और सीमाओं को पार करते हैं, वे खुद को आलोचना का विषय बनाते हैं,” उन्होंने कहा।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी के लिए झटका

तेज प्रताप का फेसबुक पोस्ट और उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में चर्चा ने आरजेडी को शर्मिंदा कर दिया है, जो इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पार्टी राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है और विपक्षी दलों के साथ गठबंधन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू यादव द्वारा तेज प्रताप को निष्कासित करने का फैसला पार्टी के भीतर अनुशासन और मूल्यों को बनाए रखने के उनके संकल्प को दर्शाता है, भले ही इसका मतलब अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करना ही क्यों न हो।

तेज प्रताप का राजनीतिक सफर

43 वर्षीय तेज प्रताप यादव लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के नौ बच्चों में से एक हैं। वह 2015 से 2018 तक बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। हालांकि, उनका राजनीतिक करियर विवादों से घिरा रहा है, और उन्हें अपने अप्रत्याशित बयानों और कार्यों के लिए जाना जाता है।

आरजेडी के भीतर, तेजस्वी यादव को पार्टी का भविष्य माना जाता है, जबकि तेज प्रताप को अक्सर हाशिए पर रखा गया है। कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस निष्कासन से पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन और तेजस्वी के नेतृत्व को और मजबूती मिल सकती है।

बिहार के राजनीतिक परिदृश्य पर प्रभाव

तेज प्रताप के निष्कासन का बिहार के व्यापक राजनीतिक परिदृश्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। आरजेडी राज्य में प्रमुख विपक्षी दल है और आगामी विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड)-भाजपा गठबंधन को कड़ी टक्कर देने की उम्मीद है।

राजनीतिक विश्लेषक सुनील कुमार सिंह के अनुसार, “यह निष्कासन दर्शाता है कि लालू यादव चुनावों से पहले अपनी पार्टी के छवि को साफ करना चाहते हैं। वे जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी पार्टी नैतिक मूल्यों और अनुशासन पर समझौता नहीं करेगी, भले ही इसका मतलब अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करना ही क्यों न हो।”

पिछले विवाद और पारिवारिक तनाव

यह पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप यादव विवादों में आए हैं। उनकी शादी और ऐश्वर्या राय से तलाक भी सुर्खियों में रहा था। शादी के कुछ ही महीनों बाद, तेज प्रताप ने अपनी पत्नी से “असंगतता” का हवाला देते हुए तलाक की अर्जी दी थी।

उनके और उनके परिवार के बीच तनाव की खबरें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेज प्रताप का अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के साथ भी तनावपूर्ण संबंध रहा है, जो आरजेडी के भीतर अधिक प्रभावशाली माने जाते हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

तेज प्रताप के निष्कासन की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली, जहां यूजर्स ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय व्यक्त की। कुछ लोगों ने लालू यादव के फैसले का समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसे पारिवारिक मामलों में राजनीति का हस्तक्षेप बताया।

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर, कई यूजर्स ने इस बात पर चर्चा की कि यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों से पहले आरजेडी की छवि को कैसे प्रभावित करेगा। कुछ ने तर्क दिया कि यह पार्टी की ईमानदारी और अनुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जबकि अन्य ने इसे परिवार के भीतर अंतर्कलह का संकेत माना।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह निष्कासन बिहार की राजनीति में यादव परिवार की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। पटना विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. रमेश कुमार ने कहा, “लालू यादव ने हमेशा पारिवारिक राजनीति पर जोर दिया है, लेकिन इस कदम से पता चलता है कि वे पार्टी के हितों को परिवार के ऊपर रख सकते हैं जब ऐसा करना आवश्यक हो।”

उन्होंने आगे कहा, “यह आरजेडी के भीतर एक नए युग की शुरुआत का संकेत हो सकता है, जहां तेजस्वी यादव का नेतृत्व और मजबूत होगा और पार्टी अपनी छवि को आधुनिक और अनुशासित के रूप में पेश करने की कोशिश करेगी।”

तेज प्रताप यादव के लिए, यह निष्कासन उनके राजनीतिक भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। छह साल का निष्कासन एक लंबी अवधि है, और यह देखना बाकी है कि वे इस दौरान किस राजनीतिक रास्ते पर चलेंगे।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वे एक नई राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं या किसी अन्य मौजूदा दल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, बिहार के राजनीतिक इतिहास में, परिवार से अलग होकर सफल होने वाले नेताओं के उदाहरण बहुत कम हैं।

आरजेडी के लिए, चुनौती अब इस विवाद को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने और आगामी विधानसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने की है। पार्टी को उम्मीद है कि यह कदम उनकी नैतिक स्थिति को मजबूत करेगा और मतदाताओं को यह संदेश देगा कि वे सिद्धांतों पर मजबूती से खड़े हैं।

लालू प्रसाद यादव द्वारा अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह कदम न केवल आरजेडी के भीतर परिवर्तन का संकेत देता है, बल्कि राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित कर सकता है।

जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज होती जा रही हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना आरजेडी के चुनावी अभियान और यादव परिवार के भीतर गतिशीलता को कैसे प्रभावित करती है। एक बात स्पष्ट है: लालू यादव ने संदेश दिया है कि पार्टी के सिद्धांत और मूल्य परिवार के बंधनों से ऊपर हैं, और वे अपनी राजनीतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए कठिन निर्णय लेने से नहीं हिचकिचाएंगे।

लेखक

  • Nalini Mishra

    नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

    View all posts
Share URL copied
Written by
नलिनी मिश्रा

नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञतानलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

टेक्नोलॉजी108
विदेश254
देश296
व्यापार106
NASA Satellite Reentry: धरती पर गिरा नासा का सैटलाइट
विदेश

अंतरिक्ष से आफत! NASA का भारी-भरकम सैटलाइट धरती से टकराया, क्या आपकी तरफ गिरेंगे इसके टुकड़े?

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अंतरिक्ष की गहराइयों में सालों तक चक्कर लगाने के बाद, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) का एक विशालकाय सैटलाइट बुधवार...

Djokovic vs Draper: इंडियन वेल्स में टेनिस का महामुकाबला
खेल

Djokovic vs Draper: क्या चोट से लौटे जैक ड्रेपर रोक पाएंगे टेनिस के ‘किंग’ नोवाक जोकोविच का रास्ता?

इंडियन वेल्स टेनिस टूर्नामेंट में इस वक्त रोमांच अपने चरम पर है। सोमवार को खेले गए मुकाबलों में न केवल बड़े उलटफेर...

टेस्ला और xAI का 'Digital Optimus' प्रोजेक्ट: मस्क बड़ा खुलासा
ऑटोमोबाइल

एलन मस्क का बड़ा यू-टर्न: टेस्ला और xAI मिलकर बनाएंगे ‘डिजिटल ऑप्टिमस’, क्या फंसेंगे कानूनी पचड़े में?

दिग्गज कारोबारी एलन मस्क ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। मस्क ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि...

Related Articles

महाराष्ट्र में कुदरत का करिश्मा या आफत? 24 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी

मुंबई/पुणे: महाराष्ट्र में मौसम इन दिनों अपनी चाल लगातार बदल रहा है।...