Current date 18/03/2026

उन्नाव रेप केस में बड़ा ट्विस्ट: कुलदीप सेंगर की जमानत पर SC ने लगाई रोक, आखिर बीच में कहां से आए लालकृष्ण आडवाणी?

URL copied
kuldeep-sengar-unnav-case-supreme-court-stay-lk-advani-case-reference
Share URL copied

नई दिल्ली: उन्नाव दुष्कर्म मामले के दोषी और भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। सोमवार (29 दिसंबर) को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए उसे जमानत दी गई थी। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब सेंगर को जेल में ही रहना होगा।

लेकिन इस पूरी कानूनी लड़ाई में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब कोर्ट रूम में अचानक देश के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी के एक पुराने केस की चर्चा होने लगी। आइए जानते हैं कि आखिर एक हाई-प्रोफाइल रेप केस में आडवाणी के नाम का जिक्र क्यों हुआ और सीबीआई ने इसे अपना सबसे बड़ा हथियार कैसे बनाया।

सेंगर को झटका और आडवाणी का ‘कनेक्शन’

जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन बेंच में जब सीबीआई (CBI) की अर्जी पर सुनवाई शुरू हुई, तो एजेंसी ने दिल्ली हाई कोर्ट के तर्क को चुनौती दी। दरअसल, हाई कोर्ट ने सेंगर को जमानत देते वक्त कहा था कि पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक विधायक (MLA) को ‘लोक सेवक’ यानी ‘Public Servant’ की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

सीबीआई ने हाई कोर्ट के इसी तर्क को काटने के लिए 1997 के ऐतिहासिक ‘लालकृष्ण आडवाणी बनाम सीबीआई’ मामले का हवाला दिया। सीबीआई ने दलील दी कि जब भ्रष्टाचार के मामलों में सांसदों और विधायकों को ‘लोक सेवक’ माना जा सकता है, तो बच्चों के खिलाफ यौन अपराध जैसे जघन्य मामलों में उन्हें इस श्रेणी से बाहर क्यों रखा जाए?

क्या है 1997 का वो ऐतिहासिक फैसला?

साल 1997 में सुप्रीम कोर्ट ने आडवाणी से जुड़े एक मामले में स्पष्ट किया था कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत निर्वाचित प्रतिनिधि (सांसद और विधायक) ‘लोक सेवक’ की परिभाषा में आते हैं। सीबीआई ने इसी फैसले को आधार बनाकर कोर्ट में कहा कि अगर विधायकों को स्पेशल प्रोटेक्शन दी गई, तो पॉक्सो एक्ट का मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा। एजेंसी का तर्क सीधा था: “जब भ्रष्टाचार के लिए विधायक सरकारी कर्मचारी है, तो रेप जैसे मामले में क्यों नहीं?”

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच ने सीबीआई की दलीलों में दम पाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को नोटिस जारी कर चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत के इस फैसले का मतलब है कि फिलहाल सेंगर को बाहर आने का मौका नहीं मिलेगा।

क्या था पूरा विवाद?

बता दें कि कुलदीप सेंगर को 2017 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने और उसके पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में दोषी पाया गया था। निचली अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद सेंगर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां उसे राहत मिल गई थी। हाई कोर्ट का मानना था कि कानून में विधायकों का स्पष्ट उल्लेख न होने के कारण उन पर लोक सेवकों वाली सख्त शर्तें लागू नहीं होतीं। अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या विधायक वाकई पॉक्सो एक्ट के तहत ‘लोक सेवक’ हैं या नहीं।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • 1759686603979

    दिव्यांशु शोध-लेखन के प्रति बेहद जुनूनी हैं।
    फिलहाल वे BigNews18.in पर हिंदी न्यूज़ लिखते हैं, जहां वे हर खबर को तेज़ी, सटीकता और संदर्भ के साथ पेश करते हैं।
    जटिल सूचनाओं को सरल, प्रभावी भाषा में बदलना उनकी खासियत है।

    View all posts
Share URL copied
Written by
Divyanshu

दिव्यांशु शोध-लेखन के प्रति बेहद जुनूनी हैं।
फिलहाल वे BigNews18.in पर हिंदी न्यूज़ लिखते हैं, जहां वे हर खबर को तेज़ी, सटीकता और संदर्भ के साथ पेश करते हैं।
जटिल सूचनाओं को सरल, प्रभावी भाषा में बदलना उनकी खासियत है।

टेक्नोलॉजी107
विदेश252
देश295
व्यापार104
Xiaomi 17 Ultra Price in India: 200MP कैमरा वाला फोन लॉन्च
टेक्नोलॉजी

DSLR की छुट्टी करने आया Xiaomi का यह धाकड़ फोन, 200MP कैमरा और Leica लेंस के साथ भारत में एंट्री

स्मार्टफोन की दुनिया में दिग्गज कंपनी शाओमी (Xiaomi) ने भारतीय बाजार में अपनी नई फ्लैगशिप सीरीज उतारकर हलचल मचा दी है। कंपनी...

SC का बड़ा फैसला:गाजियाबाद के हरीश राणा को मिली इच्छा मृत्यु
स्वास्थ्य

13 साल का दर्द और अब ‘शांति’: गाजियाबाद के हरीश को सुप्रीम कोर्ट ने दी सम्मान से मरने की इजाजत

नई दिल्ली: जीवन और मृत्यु के बीच लटकी एक लंबी और दर्दनाक जंग आखिरकार खत्म हुई। देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट...

CBSE Class 12 Maths Paper QR Code Rickroll Viral News
एजुकेशन

CBSE 12वीं के मैथ पेपर में ये क्या हुआ? QR कोड स्कैन करते ही बज उठा गाना, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने छात्रों और सोशल मीडिया यूजर्स दोनों को हैरान कर...

Related Articles

अमेरिका की उंगली और ड्रैगन की आग! भारत पर पेंटागन की ‘डरावनी’ रिपोर्ट देख भड़का चीन, दिया करारा जवाब

बीजिंग: दुनिया की दो महाशक्तियों, अमेरिका और चीन के बीच जुबानी जंग...

खौफनाक! लुधियाना में दामाद ने सरेआम सास के सिर में मारी गोली, CCTV में कैद हुई ‘खूनी’ वारदात

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई...