उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर दुनिया को चौंका रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक ऐसे घातक हथियार के परीक्षण का निरीक्षण किया, जो सीधे तौर पर ‘टैक्टिकल न्यूक्लियर’ यानी परमाणु हमला करने में सक्षम है। यह कदम प्योंगयांग की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत वह क्षेत्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।
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किम जोंग उन की मौजूदगी में हुआ बड़ा परीक्षण
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन ने खुद अपनी देखरेख में इन अपग्रेडेड रॉकेट लॉन्चर्स का लाइव-फायर अभ्यास कराया। ये कोई साधारण रॉकेट लॉन्चर नहीं हैं; इन्हें खास तौर पर परमाणु हथियारों को दागने के लिए डिजाइन और अपग्रेड किया गया है। सियोल से आई रिपोर्टों के मुताबिक, उत्तर कोरिया अब अपनी उस ताकत को बढ़ाने पर जोर दे रहा है जिससे वह अपने पड़ोसी देशों और क्षेत्रीय ठिकानों को आसानी से निशाना बना सके।
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इस अभ्यास के दौरान किम जोंग उन काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने न केवल हथियारों की मारक क्षमता को परखा, बल्कि सैन्य अधिकारियों को युद्ध के लिए तैयार रहने के निर्देश भी दिए। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव पहले से ही चरम पर है।
क्या है ये ‘टैक्टिकल न्यूक्लियर’ हथियार?
आम तौर पर परमाणु हथियारों को दो श्रेणियों में बांटा जाता है। एक वे जो लंबी दूरी तक मार करते हैं और पूरे शहर को तबाह कर सकते हैं, और दूसरे ‘टैक्टिकल’ हथियार, जिनका उपयोग युद्ध के मैदान में खास सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। किम जोंग उन जिस रॉकेट लॉन्चर को बढ़ावा दे रहे हैं, वह छोटे आकार के परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अब इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) के साथ-साथ इन छोटे लेकिन घातक हथियारों का एक बड़ा जखीरा तैयार कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दक्षिण कोरिया और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मनोवैज्ञानिक और सामरिक बढ़त हासिल करना है।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया की बढ़ी चिंता
इस परीक्षण के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं। प्योंगयांग का यह रुख बताता है कि वह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की परवाह किए बिना अपने परमाणु कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता है। सियोल में सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि ये नए रॉकेट लॉन्चर मोबाइल हैं, यानी इन्हें कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है और तुरंत हमला किया जा सकता है। इससे दुश्मन के लिए इन्हें ट्रैक करना और रोकना काफी मुश्किल हो जाता है।
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किम जोंग उन ने इस मौके पर कहा कि उनकी सेना को किसी भी स्थिति में दुश्मन को जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि उत्तर कोरिया की परमाणु शक्ति केवल दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि यह उनकी संप्रभुता की रक्षा का एक मजबूत जरिया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहराता संकट
उत्तर कोरिया के इस कदम से एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में हथियारों की होड़ और तेज होने की आशंका है। जापान और दक्षिण कोरिया पहले ही अपनी रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने में जुटे हैं। प्योंगयांग का यह ताजा परीक्षण इस बात का प्रमाण है कि किम जोंग उन अपनी सैन्य प्राथमिकताओं से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वैश्विक मंच पर उत्तर कोरिया के इस रवैये का क्या जवाब दिया जाता है। फिलहाल, किम की इन तस्वीरों ने पूरी दुनिया में चर्चा छेड़ दी है कि क्या कोरियाई प्रायद्वीप किसी नए संकट की ओर बढ़ रहा है?
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