Kaynes Technology Share Price: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का दिन इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर की दिग्गज कंपनी ‘केन्स टेक्नोलॉजी’ के निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। कंपनी के शेयरों में आज ऐसी बिकवाली आई कि देखते ही देखते निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए। दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) की एक रिपोर्ट के बाद शेयर बाजार में केन्स टेक के स्टॉक ने गोता लगा दिया।
52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा शेयर
मंगलवार, 6 जनवरी को कारोबार शुरू होते ही केन्स टेक्नोलॉजी के शेयरों में भगदड़ मच गई। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान यह शेयर करीब 6.5 प्रतिशत तक टूटकर 3,711 रुपये के स्तर पर आ गया। यह गिरावट कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह स्टॉक का 52-वीक लो (एक साल का सबसे निचला स्तर) है। इस भारी गिरावट की वजह से महज कुछ ही मिनटों में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) 1,700 करोड़ रुपये से ज्यादा कम हो गया।
हैरानी की बात यह रही कि कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को ऐसी कोई नकारात्मक सूचना नहीं दी गई थी, जिससे इतनी बड़ी गिरावट आए। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी और ब्रोकरेज की रिपोर्ट ने सेंटीमेंट बिगाड़ दिया।
Jefferies ने क्यों घटाया टारगेट?
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने केन्स टेक को लेकर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है। हालांकि ब्रोकरेज ने इस शेयर पर अपनी ‘Buy’ (खरीदने) की रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन इसके टारगेट प्राइस में भारी कटौती कर दी है। जेफरीज ने पहले इस शेयर के लिए 7,780 रुपये का लक्ष्य रखा था, जिसे अब घटाकर 5,940 रुपये कर दिया गया है।
भले ही टारगेट प्राइस घटा हो, लेकिन जानकारों का कहना है कि मौजूदा भाव से अभी भी यह शेयर करीब 55 प्रतिशत की तेजी दिखा सकता है। जेफरीज ने सिर्फ केन्स ही नहीं, बल्कि इसकी प्रतिद्वंदी कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज (Dixon Technologies) का टारगेट प्राइस भी घटाकर 13,070 रुपये कर दिया है और उस पर ‘Hold’ की रेटिंग दी है।
क्या कहते हैं कंपनी के आंकड़े?
पिछले कुछ समय से केन्स टेक का प्रदर्शन दबाव में दिख रहा है:
6 महीने का हाल: पिछले 6 महीनों में शेयर में करीब 39% की गिरावट आई है।
1 साल का रिटर्न: एक साल के भीतर यह स्टॉक 48% तक टूट चुका है।
मार्केट कैप: वर्तमान में कंपनी की कुल वैल्यू करीब 25,300 करोड़ रुपये रह गई है।
मैनेजमेंट को अब भी है भरोसा
गिरावट के बीच राहत की बात यह है कि कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है। पिछले दिनों केन्स टेक के CFO जयराम संपथ ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मित्सुई (Mitsui) के साथ हुई डील कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कंपनी अपने बिजनेस गाइडेंस को पूरा करेगी और आने वाले साल में शेयरधारकों को डिविडेंड (लाभांश) देने पर भी विचार किया जा सकता है।
एक्सपर्ट्स की राय: खरीदें, बेचें या होल्ड करें?
बाजार के 26 एनालिस्ट इस समय इस शेयर पर नजर रख रहे हैं। उनकी राय कुछ इस प्रकार है:
Buy (खरीदें): 14 एनालिस्ट्स का मानना है कि गिरावट में खरीदारी का मौका है।
Hold (बनाए रखें): 8 एनालिस्ट्स ने अभी थोड़ा इंतजार करने की सलाह दी है।
Sell (बेच दें): 4 एनालिस्ट्स ने इस स्टॉक से निकलने की राय दी है।
निष्कर्ष: केन्स टेक के लिए फिलहाल समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण है, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए ब्रोकरेज के टारगेट अभी भी काफी ऊपर हैं। अगर आप जोखिम ले सकते हैं, तो एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार नजर बनाए रख सकते हैं।
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