क्रिसमस से पहले धमाका! ISRO का ‘बाहुबली’ कल अमेरिका के लिए रचेगा इतिहास, कांप उठेंगे दुश्मन!

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नई दिल्ली: अंतरिक्ष की दुनिया में भारत एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है, जिसे देख पूरी दुनिया दांतों तले उंगली दबा लेगी। क्रिसमस से ठीक एक दिन पहले, यानी कल सुबह, भारत का सबसे शक्तिशाली रॉकेट ‘बाहुबली’ (LVM3) एक ऐसे मिशन पर उड़ान भरेगा जो न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के टेलीकॉम सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) कल सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर अमेरिका की कंपनी ‘AST SpaceMobile’ के नेक्स्ट-जेन सैटेलाइट ‘ब्लू बर्ड 6’ (BlueBird 6) को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करेगा। यह मिशन इसलिए खास है क्योंकि भारत पहली बार इतना भारी-भरकम वजन लेकर आसमान का सीना चीरने को तैयार है।

अब तक का सबसे भारी ‘शिकार’!

इस मिशन की सबसे बड़ी बात इसका वजन है। ब्लू बर्ड 6 का वजन लगभग 6,100 किलोग्राम है। ISRO के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत की धरती से इतना भारी सैटेलाइट लॉन्च किया जा रहा है। इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायण ने इस पर खुशी जताते हुए कहा, “यह हमारे लॉन्च व्हीकल द्वारा उठाया गया अब तक का सबसे भारी पेलोड है।” यह मिशन साबित करता है कि अब दुनिया के बड़े देश भी भारत की इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षमता पर अटूट भरोसा करते हैं।

क्यों कहते हैं इसे ‘बाहुबली’?

LVM3 (Launch Vehicle Mark-3) को ‘बाहुबली’ ऐसे ही नहीं कहा जाता। इसकी लंबाई 43.5 मीटर और वजन करीब 640 टन है। यह रॉकेट 4200 किलो तक का भार ऊँची कक्षा (GTO) में और उससे कहीं ज्यादा वजन निचली कक्षा (LEO) में ले जाने की ताकत रखता है। इसी रॉकेट ने पिछले साल चंद्रयान-3 को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचाकर इतिहास रचा था। अब तक इसके सभी 7 मिशन 100% सफल रहे हैं, जो इसे दुनिया के सबसे भरोसेमंद रॉकेटों में से एक बनाता है।

BlueBird 6: स्मार्टफोन की दुनिया में आएगा भूचाल!

जिस सैटेलाइट को भारत लॉन्च कर रहा है, वह कोई मामूली मशीन नहीं है। इसे ‘अंतरिक्ष का अजूबा’ कहा जा रहा है।

ग्लोबल मार्केट में भारत की धाक

इस कमर्शियल लॉन्च के साथ ही भारत ने एलन मस्क की कंपनी SpaceX और रूस की Roscosmos जैसी बड़ी ताकतों को सीधी चुनौती दे दी है। अरबों डॉलर के ग्लोबल स्पेस मार्केट में अब भारत एक बड़ा खिलाड़ी बनकर उभरा है।

भारत में कब शुरू होगी सेवा?

भले ही भारत इस तकनीक को लॉन्च कर रहा है, लेकिन देश में सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर अभी कुछ कानूनी और सुरक्षा संबंधी पेच फंसे हैं। स्पेक्ट्रम आवंटन और सुरक्षा चिंताओं के कारण फिलहाल भारत में इसके लाइसेंस को लेकर चर्चा जारी है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह आपदा प्रबंधन और ग्रामीण इलाकों के लिए वरदान साबित होगा।

कल सुबह जब बाहुबली रॉकेट श्रीहरिकोटा से उड़ान भरेगा, तो वह सिर्फ एक सैटेलाइट नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती ताकत और अंतरिक्ष में आत्मनिर्भरता की नई कहानी लेकर जाएगा।


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