आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में अगर आपसे कोई कहे कि आप जो चिकन या मटन खा रहे हैं, उसके लिए किसी जानवर को नहीं मारा गया, बल्कि उसे एक मशीन ने प्रिंट किया है, तो क्या आप यकीन करेंगे? शायद नहीं। लेकिन इज़राइल के वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। इज़राइल इस समय दुनिया का ‘फूड टेक हब’ बन चुका है, जहाँ आपकी थाली में परोसा जाने वाला खाना खेतों से नहीं, बल्कि हाई-टेक लैब से आ रहा है।
3D प्रिंटर से निकल रहा है असली जैसा ‘मीट’
इज़राइल की कंपनी Redefine Meat ने तो जैसे कमाल ही कर दिया है। रेहोवोत (Rehovot) स्थित यह कंपनी 3D प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल करके ‘होल-कट’ 3D Printed Meat मीट तैयार कर रही है। यह देखने, चखने और चबाने में बिल्कुल वैसा ही है जैसा बीफ या लैब (भेड़ का मांस) होता है। इसकी बनावट इतनी असली है कि बड़े-बड़े शेफ भी धोखा खा जाएं। खास बात यह है कि इसे बनाने में एक भी बूंद खून नहीं बहाया जाता, सब कुछ पौधों (Plant-based) से तैयार होता है।
मछली के बिना ‘फिश फ्राई’ का मज़ा
अगर आप सीफूड के शौकीन हैं, तो Oshi (जिसे पहले Plantish के नाम से जाना जाता था) आपके लिए कुछ खास लेकर आई है। यह कंपनी प्लांट प्रोटीन का इस्तेमाल करके ‘सामन फिश’ (Salmon Fillets) के टुकड़े तैयार कर रही है। इसमें मछली की तरह ही ओमेगा-3 और पोषण होता है, लेकिन यह पूरी तरह शाकाहारी है। यानी अब समुद्र की मछलियों को बचाते हुए भी आप फिश फ्राई का आनंद ले सकते हैं।
बिना गाय-भैंस के दूध से बनेगी पनीर!
डेयरी के क्षेत्र में Remilk नाम की कंपनी क्रांति ला रही है। ये लोग ‘माइक्रोबियल फर्मेंटेशन’ (Microbial Fermentation) के जरिए ऐसा दूध बना रहे हैं जो गुणों में बिल्कुल असली दूध जैसा है। इससे बनी पनीर और दही का स्वाद वैसा ही होता है जैसा हम बचपन से खाते आ रहे हैं। सबसे अच्छी बात? यह पूरी तरह से ‘लैक्टोज फ्री’ है, यानी जिन लोगों को दूध नहीं पचता, उनके लिए यह वरदान है।
मुर्गी नहीं, अब लैब से आएगा ‘संडे हो या मंडे, रोज़ खाओ अंडे’
अंडे के शौकीनों के लिए Yo! Egg ने जादू कर दिया है। इन्होंने दुनिया का पहला ऐसा प्लांट-बेस्ड अंडा बनाया है जिसे फोड़ने पर असली अंडे की तरह ‘पीला योग’ (Yolk) बाहर निकलता है। चाहे आप ‘पोच्ड एग’ खाएं या ‘सनी-साइड अप’, आपको स्वाद और बनावट में रत्ती भर भी फर्क महसूस नहीं होगा।
छोले (Chickpea) से बन रही है आइसक्रीम
इज़राइल की ही एक और कंपनी InnovoPro छोलों (Chickpeas) से मिलने वाले प्रोटीन पर काम कर रही है। वे ऐसे इंग्रीडिएंट्स बना रहे हैं जिनसे डेयरी-फ्री दही, आइसक्रीम और यहाँ तक कि मीट का विकल्प भी तैयार किया जा रहा है। छोलों का यह इस्तेमाल न केवल सेहतमंद है बल्कि पर्यावरण के लिए भी टिकाऊ है।
क्यों हो रही है इसकी चर्चा?
इज़राइल की ये तकनीकें सिर्फ स्वाद के लिए नहीं हैं, बल्कि ये दुनिया की बढ़ती आबादी और घटते संसाधनों का समाधान हैं। पर्यावरण को बचाने और जानवरों के प्रति क्रूरता कम करने की दिशा में यह एक बहुत बड़ा कदम है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।
