ताकि फिलिस्तीन कभी देश न बन पाए! गाजा में तबाही के बीच इजरायल ने वेस्ट बैंक के लिए खोल दिया नया मोर्चा

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गाजा पट्टी में जारी भीषण युद्ध के बीच इजरायल की बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। इजरायल ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक (West Bank) इलाके में 19 नई यहूदी बस्तियों को आधिकारिक मान्यता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस कदम को फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने से रोकने की इजरायल की सबसे बड़ी चाल के रूप में देखा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस फैसले की तीखी आलोचना हो रही है, लेकिन इजरायल सरकार अपनी ‘सेटलमेंट विस्तार’ की नीति पर अडिग नजर आ रही है।

“दो-राष्ट्र समाधान” को दफन करने की तैयारी!

इस विवादास्पद योजना के पीछे इजरायल के कट्टर दक्षिणपंथी वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ का हाथ है। स्मोट्रिच ने इस फैसले के पीछे का मकसद छिपाने की कोशिश भी नहीं की। उन्होंने खुलेआम कहा कि यह कदम फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को रोकने” के लिए उठाया गया है। उनका मानना है कि इन बस्तियों के विस्तार से “टू-स्टेट सॉल्यूशन” (दो-देश समाधान) की संभावना हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों को अवैध माना जाता है। इसके बावजूद नेतन्याहू प्रशासन न केवल नई बस्तियां बसा रहा है, बल्कि पहले से मौजूद अवैध आउटपोस्ट्स को भी कानूनी दर्जा दे रहा है।

सऊदी अरब और UN ने दी कड़ी चेतावनी

इजरायल के इस आक्रामक रुख पर दुनिया के बड़े देशों और संगठनों ने नाराजगी जताई है।

लेखक

  • चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

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