भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही है। देश में हर दिन सफर करने वाले लगभग दो-तिहाई यात्रियों को उड़ान देने वाली यह एयरलाइन लगातार देरी और कैंसिलेशन की समस्या झेल रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई एयरपोर्ट पर यात्रियों को घंटों इंतज़ार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ उड़ानें अंतिम समय में रद्द कर दी जा रही हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार (2 दिसंबर) को इंडिगो की सिर्फ 35% उड़ानें ही समय पर उड़ सकीं। यह वही एयरलाइन है जिसे कभी “सबसे समय पर उड़ने वाली एयरलाइन” के तौर पर पहचाना जाता था। रोजाना 2200 से ज्यादा उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो बुधवार को तो और नीचे गिर गई—दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर दोपहर तक ही करीब 200 उड़ानें रद्द कर दी गईं।
क्यों बिगड़े हालात? नए नियमों से बढ़ी क्रू की किल्लत
इंडिगो की मुश्किलें पिछले महीने लागू हुए नए Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमों के बाद बढ़ गईं। इन नियमों के तहत पायलटों और केबिन क्रू को ज्यादा आराम देने का प्रावधान किया गया है ताकि उनकी थकान कम हो और सुरक्षा बढ़ सके। लेकिन इसका एक बड़ा साइड इफेक्ट सामने आया—क्रू की भारी कमी।
एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि कई उड़ानें इसलिए भी रद्द करनी पड़ीं क्योंकि उन्हें पूरा केबिन क्रू या पायलट नहीं मिल पाया। राहत देने वाले इन नए नियमों ने अचानक एयरलाइन के ऑपरेशन में बड़ा गैप पैदा कर दिया है।
यह स्थिति इतनी अप्रत्याशित है कि इंडिगो अब समय-पालन (OTP) के मामले में स्पाइसजेट और अलायंस एयर से भी पीछे रह गई है। कई उड़ानें 7 से 8 घंटे तक देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ रही है।
एयरलाइन की सफाई: “टेक्निकल इश्यू, भीड़ और ऑपरेशनल जरूरतें…”
इंडिगो के प्रवक्ता ने देरी और कैंसिलेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में उड़ानें कई जरूरी कारणों से प्रभावित हुई हैं। इसमें—
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टेक्नोलॉजी से जुड़ी समस्याएँ
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एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़
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और ऑपरेशनल जरूरतें
शामिल हैं।
एयरलाइन का दावा है कि स्थिति को जल्द सामान्य करने की कोशिशें तेजी से जारी हैं।
उनके मुताबिक, प्रभावित यात्रियों को—
✔ वैकल्पिक उड़ान
✔ पूरा रिफंड
दोनों विकल्प दिए जा रहे हैं। इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले वे अपनी उड़ान की लेटेस्ट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।
एयरपोर्ट की दिक्कतों ने भी बढ़ाई परेशानी
इंडिगो की समस्याओं में एयरपोर्ट की तकनीकी गड़बड़ियों ने भी आग में घी का काम किया।
बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर एयरलाइन का बैगेज मैसेजिंग सिस्टम बंद पड़ गया। इससे टर्मिनल 1 पर यात्रियों की भीड़ के बीच काफी अफरा-तफरी मची रही। टर्मिनल 3 पर भी स्थिति सामान्य नहीं थी और सामान लेने की प्रक्रिया बेहद धीमी रही, जिससे यात्रियों की नाराज़गी और बढ़ गई।
क्या हालात जल्दी सुधरेंगे?
अभी एयरलाइन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है—
पायलट और केबिन क्रू की उपलब्धता।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए FDTL नियमों को देखते हुए एयरलाइन को अतिरिक्त स्टाफ हायर करना होगा, वरना आने वाले हफ्तों में भी स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है।
भारत की सबसे भरोसेमंद और सबसे व्यस्त एयरलाइंस में से एक इंडिगो के लिए यह संकट छोटे समय का झटका है या लंबी चुनौती—इस पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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