इंडिगो में क्रू मेंबर्स की कमी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद समेत देश के कई बड़े एयरपोर्ट पर हालात ये हैं कि 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी हैं। इससे लाखों यात्रियों की यात्रा योजनाएं बिगड़ गईं। इसी बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को देखते हुए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों में एयरलाइंस — खासकर इंडिगो — को आंशिक राहत दे दी है। सरकार ने वह आदेश तत्काल वापस ले लिया है जिसके तहत पायलटों और क्रू को हर हफ्ते लगातार 48 घंटे का अनिवार्य साप्ताहिक विश्राम देना जरूरी था।
इंडिगो संकट पर CEO का पहला बड़ा बयान
देश की सबसे बड़ी किफायती एयरलाइन इंडिगो बीते कई दिनों से ऑपरेशनल अराजकता से गुजर रही है। नए FDTL नियम लागू होने के बाद कंपनी को शेड्यूल मैनेज करने में भारी दिक्कतें हो रही थीं। आज जब फ्लाइट कैंसिलेशन 1000 के आंकड़े को पार कर गया, तब इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स का पहला आधिकारिक बयान सामने आया।
शुक्रवार को जारी अपने वीडियो संदेश में एल्बर्स ने साफ कहा कि बीते कुछ दिनों से कंपनी गंभीर परिचालन समस्या झेल रही है। उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर का दिन इंडिगो के इतिहास में सबसे अधिक प्रभावित दिन रहा, जब 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं — यानी कंपनी की कुल दैनिक उड़ानों का आधे से ज्यादा हिस्सा।
“कृपया रद्द उड़ानों के लिए एयरपोर्ट न आएं” — CEO
CEO ने अपने संदेश में यात्रियों से अपील की कि जिन फ्लाइट्स को रद्द घोषित किया गया है, उन पर एयरपोर्ट न पहुंचें। उन्होंने बताया कि आज इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने की वजह यह है कि कंपनी अपने पूरे सिस्टम को रीबूट कर रही है, ताकि आने वाले दिनों में संचालन फिर से सुचारू किया जा सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि 10 से 15 दिसंबर के बीच इंडिगो का संचालन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा, और फिलहाल यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी फ्लाइट्स से जुड़े अपडेट लगातार चेक करते रहें।
“हम माफी मांगते हैं… स्थिति सुधारने की पूरी कोशिश जारी है”
पीटर एल्बर्स ने कहा कि इंडिगो की पूरी टीम हालात सुधारने के लिए दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने यात्रियों को हुई दिक्कत के लिए खेद जताते हुए कहा—
“मैं इंडिगो के सभी साथियों की ओर से उन यात्रियों से दिल से माफी मांगता हूं जिन्हें फ्लाइट देरी या कैंसिल होने की वजह से असुविधा का सामना करना पड़ा।”
उन्होंने दोहराया कि कंपनी जल्द से जल्द सामान्य स्थिति की ओर लौटने के लिए हर संभव कदम उठा रही है, और सरकार के सहयोग से स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है।
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