ब्रिटेन के चर्चित क्रिकेट टूर्नामेंट ‘द हंड्रेड’ (The Hundred) के नए सीजन के लिए बिगुल बज चुका है। बुधवार, 11 मार्च को लंदन में आयोजित हुई ऐतिहासिक नीलामी ने महिला क्रिकेट की दिशा बदल कर रख दी है। पहली बार इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की बोली लगाई गई, जहाँ दुनिया भर की 254 महिला खिलाड़ियों की किस्मत दांव पर थी। भारतीय फैंस के लिए सबसे बड़ी खबर यह रही कि टीम इंडिया की ‘नेशनल क्रश’ स्मृति मंधाना और आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष अब एक ही टीम के लिए मैदान पर गदर मचाती नजर आएंगी।
स्मृति और ऋचा की जोड़ी: मैनचेस्टर में जमेगा रंग
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नीलामी से पहले ही कई कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने मास्टरस्ट्रोक खेलते हुए भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना को 90,000 पाउंड (लगभग 98 लाख रुपये) में अपनी टीम के साथ जोड़ा। इतना ही नहीं, टीम ने नीलामी के दौरान आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर ऋचा घोष पर भी दांव लगाया और उन्हें 50,000 पाउंड (करीब 54 लाख रुपये) में खरीद लिया। अब फैंस को उम्मीद है कि WPL की तरह यहाँ भी यह जोड़ी विपक्षी गेंदबाजों के छक्के छुड़ाएगी।
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जेमिमा और दीप्ति को भी मिले खरीदार
भारतीय टीम की भरोसेमंद बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स को सदर्न ब्रेव ने 60,000 पाउंड (करीब 65 लाख रुपये) की मोटी रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया है। वहीं, स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को सनराइजर्स लीड्स ने 27,500 पाउंड (करीब 30 लाख रुपये) में खरीदा। दीप्ति का अनुभव टीम के लिए गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में काफी अहम साबित होने वाला है।
नीलामी का वह चेहरा जिसे देख खिलाड़ी भावुक हो गए
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भले ही ऊपर से यह नीलामी काफी चकाचौंध भरी लग रही थी, लेकिन पर्दे के पीछे खिलाड़ियों का अनुभव काफी तनावपूर्ण रहा। करीब 6 घंटे तक चली इस लंबी प्रक्रिया में कई खिलाड़ी घंटों तक इस उम्मीद में बैठी रहीं कि शायद कोई टीम उन पर बोली लगाए। कुछ के लिए यह दिन खुशियों भरा रहा, तो कुछ के हाथ केवल निराशा लगी।
एक खिलाड़ी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “जब आपका नाम पुकारा जाता है, तो आप खुद को एक शतरंज की मोहरी की तरह महसूस करते हैं। कोच और मालिक आपस में चर्चा करते हैं कि आपकी ‘वैल्यू’ क्या है। जैसे ही बोली आपके बेस प्राइस से ऊपर जाती है, धड़कनें तेज हो जाती हैं। लेकिन जब कोई टीम बोली नहीं लगाती, तो ऐसा लगता है जैसे आपकी मेहनत की कोई कीमत नहीं रह गई।”
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18 साल की खिलाड़ी ने किया कमाल, कई दिग्गज रह गए खाली हाथ
इस नीलामी की सबसे हैरान करने वाली बात 18 वर्षीय स्पिनर टिल्ली कॉर्टिन-कोलमैन रहीं। पिछले साल जहाँ उन्हें सिर्फ 12,500 पाउंड मिले थे, इस बार उनकी कीमत बढ़कर 1.05 लाख पाउंड (करीब 1.12 करोड़ रुपये) हो गई। दूसरी ओर, भारतीय टीम की ‘लेडी सहवाग’ कही जाने वाली शेफाली वर्मा और अनुभवी यास्तिका भाटिया जैसी बड़ी खिलाड़ियों को इस बार किसी ने नहीं खरीदा, जो भारतीय फैंस के लिए काफी चौंकाने वाला रहा।
‘द हंड्रेड’ का नया अवतार और भारी निवेश
इस साल ‘द हंड्रेड’ का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। टूर्नामेंट के निजीकरण के बाद टीमों के पास खर्च करने के लिए अब ज्यादा बजट है। जहाँ बेथ मूनी और सोफी डिवाइन जैसी दिग्गज खिलाड़ियों को 2.10 लाख पाउंड (करीब 2.25 करोड़ रुपये) जैसी भारी-भरकम राशि मिली, वहीं कई घरेलू खिलाड़ियों को 15,000 पाउंड के बेस प्राइस पर ही संतोष करना पड़ा।
कुल मिलाकर, यह नीलामी महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है। भले ही कुछ बड़े नाम अनसोल्ड रहे हों, लेकिन स्मृति, ऋचा और जेमिमा जैसे खिलाड़ियों पर लगी ऊंची बोली यह साबित करती है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय महिला क्रिकेटर्स का दबदबा बढ़ता जा रहा है। अब नजरें 21 जुलाई से शुरू होने वाले टूर्नामेंट पर टिकी हैं, जहाँ ये खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से मैदान पर आग लगायेंगी।
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