भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए साल 2025 मिला-जुला रहा है। एक तरफ जहां टीम इंडिया ने ICC चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीतकर सफेद गेंद के क्रिकेट में अपना दबदबा साबित किया, वहीं दूसरी ओर टेस्ट क्रिकेट में भारत की स्थिति नाजुक हो गई है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घर में मिली 0–2 की ऐतिहासिक क्लीन स्वीप ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 के फाइनल की राह को बेहद कांटों भरा बना दिया है।
पॉइंट्स टेबल का ताजा हाल: छठे नंबर पर फिसला भारत
नवंबर की शुरुआत तक भारतीय टीम टॉप-3 में मजबूती से बनी हुई थी। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ “फ्रीडम ट्रॉफी” किसी बुरे सपने की तरह साबित हुई। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 30 रनों की हार और फिर गुवाहाटी में मिली 408 रनों की शर्मनाक शिकस्त (रनों के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी हार) ने टीम के आत्मविश्वास को हिला कर रख दिया है।
27 दिसंबर 2025 तक की WTC अंक तालिका:
| स्थान | टीम | मैच | जीत | हार | ड्रॉ | अंक | PCT (%) |
| 1 | ऑस्ट्रेलिया | 7 | 6 | 1 | 0 | 72 | 85.71 |
| 2 | न्यूजीलैंड | 3 | 2 | 0 | 1 | 28 | 77.78 |
| 3 | साउथ अफ्रीका | 4 | 3 | 1 | 0 | 36 | 75.00 |
| 4 | श्रीलंका | 2 | 1 | 0 | 1 | 16 | 66.67 |
| 5 | पाकिस्तान | 2 | 1 | 1 | 0 | 12 | 50.00 |
| 6 | भारत | 9 | 4 | 4 | 1 | 52 | 48.15 |
| 7 | इंग्लैंड | 9 | 3 | 5 | 1 | 38 | 35.19 |
| 8 | बांग्लादेश | 2 | 0 | 1 | 1 | 4 | 16.67 |
| 9 | वेस्टइंडीज | 8 | 0 | 7 | 1 | 4 | 4.17 |
वर्तमान में 48.15 के PCT के साथ भारत न केवल ऑस्ट्रेलिया से पीछे है, बल्कि श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी टीमों से भी नीचे छठे पायदान पर है। भारत ने अब तक सबसे ज्यादा 9 मैच खेल लिए हैं, जिसका मतलब है कि अब हर एक हार भारत के लिए फाइनल के दरवाजे बंद कर सकती है।
आगे का रास्ता: अग्निपरीक्षा से कम नहीं
भारतीय टीम के पास अब केवल 9 टेस्ट मैच बचे हैं। अगर भारत को लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल में जगह बनानी है, तो उसे कम से कम 7 मैच जीतने होंगे। आने वाला शेड्यूल किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है:
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श्रीलंका दौरा (अगस्त 2026): 2 टेस्ट मैचों की सीरीज। श्रीलंका की स्पिन मददगार पिचों पर भारत ने पिछले 9 सालों से टेस्ट नहीं खेला है।
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न्यूजीलैंड दौरा (अक्टूबर 2026): 2 टेस्ट मैचों की सीरीज। कीवी पिचों की उछाल और स्विंग भारतीय बल्लेबाजों के लिए हमेशा से काल रही है।
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज (फरवरी-मार्च 2027): 5 टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी। यह सीरीज तय करेगी कि कौन फाइनल की फ्लाइट पकड़ेगा।
शुभमन गिल युग की कठिन शुरुआत
रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद कप्तानी का कांटों भरा ताज शुभमन गिल के सिर सजा है। गिल ने इस चक्र में अब तक 950 रन बनाकर और मोहम्मद सिराज ने 39 विकेट लेकर व्यक्तिगत रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन पूरी टीम एक इकाई के रूप में प्रदर्शन करने में विफल रही है।
क्या है क्वालिफिकेशन का ‘परफेक्ट’ फॉर्मूला?
लॉर्ड्स 2027 में पहुंचने के लिए भारत को अब करिश्मे की जरूरत है:
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श्रीलंका में क्लीन स्वीप: भारत को श्रीलंका में 2-0 से जीत दर्ज करनी ही होगी।
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न्यूजीलैंड में बराबरी: कम से कम सीरीज को 1-1 पर खत्म करना होगा।
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ऑस्ट्रेलिया पर दबदबा: घर में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को 4-0 या 4-1 के बड़े अंतर से जीतना होगा।
यदि भारत अगले 9 मैचों में से 6 जीत और 2 ड्रॉ हासिल नहीं कर पाता है, तो लगातार दूसरी बार फाइनल की दौड़ से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। अब भारत की किस्मत खुद के अलावा न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के नतीजों पर भी निर्भर करेगी। क्या टीम इंडिया इस मुश्किल गणित को सुलझा पाएगी? क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब अगले साल होने वाले श्रीलंका दौरे पर टिकी हैं।
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