मुंबई: आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने वो कर दिखाया जिसका इंतजार करोड़ों फैंस कर रहे थे। गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए रोंगटे खड़े कर देने वाले मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 7 रनों से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही भारत ने लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में कदम रख दिया है। अब 8 मार्च को खिताबी जंग में भारत का सामना न्यूजीलैंड से होगा।
संजू सैमसन की ‘तूफानी’ पारी ने अंग्रेजों के उड़ाए होश
इस महामुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने बोर्ड पर 253 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत की इस विशाल पारी के सबसे बड़े नायक रहे संजू सैमसन। संजू ने मैदान के चारों ओर चौकों-छक्कों की ऐसी बारिश की कि अंग्रेज गेंदबाज बेबस नजर आए। सैमसन ने महज 42 गेंदों में 89 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 8 गगनचुंबी छक्के और 7 करारे चौके शामिल थे।
दिलचस्प बात यह रही कि जब संजू सिर्फ 15 रनों पर थे, तब इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ने उनका एक आसान सा कैच टपका दिया था। यह जीवनदान इंग्लैंड को इतना भारी पड़ा कि संजू ने उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया की बल्लेबाजी इस मैच में पूरी लय में दिखी, हालांकि गेंदबाजी में बीच के ओवरों में थोड़ी ढील जरूर नजर आई।
‘जस्सी’ और ‘हार्दिक’ ने आखिरी वक्त पर पलटा मैच
254 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने डटकर मुकाबला किया। एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच भारत के हाथ से फिसल सकता है, लेकिन तभी जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने अपनी जादुई गेंदबाजी से पासा पलट दिया। 18वां ओवर डालने आए बुमराह ने अपनी सटीक यॉर्कर और स्लोअर गेंदों से इंग्लिश बल्लेबाजों को बांधे रखा और मात्र 6 रन दिए।
इसके बाद 19वां ओवर हार्दिक पंड्या के हाथ में था। हार्दिक ने न केवल सिर्फ 9 रन खर्च किए, बल्कि खतरनाक दिख रहे सैम करन को पवेलियन भेजकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। इन दो ओवरों ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की तरफ मोड़ दिया। आखिरी ओवर में इंग्लैंड को 30 रनों की दरकार थी, जिसे हासिल करना उनके लिए नामुमकिन साबित हुआ और वे 7 विकेट खोकर 246 रन ही बना सके।
अक्षर पटेल: बाउंड्री पर बने ‘सुपरमैन’
सिर्फ बल्लेबाजी और गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि फील्डिंग में भी टीम इंडिया ने जान झोंक दी। इसमें सबसे बड़ा नाम रहा अक्षर पटेल का। अक्षर ने जिस तरह से हैरी ब्रूक का हवा में उड़ता हुआ कैच पकड़ा, उसने पूरे स्टेडियम में जोश भर दिया। इसके अलावा, क्रीज पर सेट हो चुके विल जैक्स को आउट करने में भी अक्षर की फील्डिंग का बड़ा रोल रहा। फिल साल्ट का अहम कैच लेकर अक्षर ने ही भारत को पहली सफलता दिलाई थी। पिच पूरी तरह से बल्लेबाजों के पक्ष में थी, यही वजह है कि पूरे मैच में करीब 500 रन बने।
इतिहास रचने के करीब टीम इंडिया
भारतीय टीम ने 2024 में साउथ अफ्रीका को हराकर खिताब जीता था और अब वह अपना टाइटल डिफेंड करने के बेहद करीब है। क्रिकेट इतिहास में अब तक कोई भी मेजबान देश अपनी धरती पर टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाया है। साथ ही, आज तक कोई भी टीम लगातार दो बार यह ट्रॉफी नहीं उठा सकी है। 8 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले फाइनल में भारत के पास इन दोनों मिथकों को तोड़कर एक नया इतिहास रचने का सुनहरा मौका होगा।
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