नई दिल्ली: भारत में कारों को लेकर लोगों की पसंद और जरूरतें अब पूरी तरह बदल चुकी हैं। वह जमाना गया जब कार खरीदते वक्त लोग सिर्फ माइलेज और इंजन की बात करते थे। आज के दौर में अगर आपकी कार आपके स्मार्टफोन से नहीं जुड़ी है, तो उसे ‘पुराने जमाने’ की मान लिया जाता है। ताज़ा आंकड़ों और बाजार के रुझानों को देखें तो भारत में ‘कनेक्टेड कारें‘ (Connected Cars) अब केवल जरूरत नहीं, बल्कि एक नया ‘सोशल स्टेटस’ (Status Symbol) बन गई हैं।
क्या है यह नया ट्रेंड?
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कार अब सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह एक ‘लाइफस्टाइल स्टेटमेंट’ बन चुकी है। ‘कनेक्टेड फीचर्स’ का मतलब उन खूबियों से है जो आपकी कार को इंटरनेट से जोड़ती हैं। इसमें रिमोट इंजन स्टार्ट, चोरी होने पर अलर्ट (Theft Alert), जियो-फेंसिंग और लाइव लोकेशन शेयरिंग जैसे एडवांस फीचर्स शामिल हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में, इन फीचर्स का होना अब युवाओं के लिए गर्व की बात बन गया है।
बाजार में मची है धूम: आंकड़े दे रहे हैं गवाही
आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में बहुत बड़ा बदलाव आया है। जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच भारत में बिकने वाली कुल नई कारों में से लगभग 27.4% हिस्सेदारी कनेक्टेड कारों की रही है। अगर हम पांच साल पहले की बात करें, तो यह आंकड़ा इसका आधा भी नहीं था। इसका मतलब है कि हर चार में से एक व्यक्ति ऐसी कार खरीद रहा है जो इंटरनेट और स्मार्ट फीचर्स से लैस है।
लग्जरी से निकलकर आम आदमी के बजट में पहुंची तकनीक
एक वक्त था जब कनेक्टेड कार फीचर्स सिर्फ मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू या ऑडी जैसी महंगी लग्जरी कारों तक ही सीमित थे। लेकिन अब समय बदल गया है। हुंडई वेन्यू (Hyundai Venue), टाटा अल्ट्रोज़ (Tata Altroz) और एमजी कॉमेट (MG Comet) जैसी कॉम्पैक्ट और बजट फ्रेंडली कारों में भी अब ये हाई-टेक फीचर्स मिल रहे हैं। बड़ी कंपनियां अब समझ चुकी हैं कि भारतीय ग्राहक तकनीक के लिए थोड़ा ज्यादा पैसा खर्च करने को तैयार हैं।
क्यों बढ़ रही है इनकी डिमांड?
विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई बड़े कारण हैं:
सुरक्षा (Safety First): कनेक्टेड कारें एडवांस सेफ्टी अलर्ट देती हैं। अगर कोई आपकी कार को छूने या चोरी करने की कोशिश करता है, तो तुरंत आपके फोन पर नोटिफिकेशन आ जाता है।
सुविधा (Convenience): तपती धूप में कार में बैठने से पहले ही आप अपने ऑफिस या घर से फोन के जरिए कार का एसी (AC) ऑन कर सकते हैं।
युवा खरीदारों की पसंद: भारत एक युवा देश है। आज के खरीदार ऐसी कार चाहते हैं जो उनके स्मार्टफोन की तरह ‘स्मार्ट’ हो। उनके लिए कार एक ‘मूविंग गैजेट’ की तरह है।
पर्सनलाइजेशन: अपनी पसंद के हिसाब से कार की सेटिंग्स को कस्टमाइज करना अब बहुत आसान हो गया है।
क्या वाकई यह स्टेटस सिंबल है?
जानकारों का कहना है कि भारत में ‘सोशल करेंसी’ का कॉन्सेप्ट बहुत मजबूत है। लोग ऐसी चीजें खरीदना पसंद करते हैं जिन्हें वे समाज में दिखा सकें। जब आप अपने दोस्तों के बीच फोन से कार लॉक करते हैं या उसकी लोकेशन ट्रैक करते हैं, तो यह आपकी मॉडर्न लाइफस्टाइल को दर्शाता है। यही कारण है कि अब लोग फीचर्स के आधार पर अपनी पसंद तय कर रहे हैं।
भविष्य की राह
आने वाले समय में कनेक्टेड कारों की संख्या और बढ़ने वाली है। जैसे-जैसे 5G तकनीक का विस्तार होगा, ये कारें और भी ज्यादा स्मार्ट हो जाएंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले 2-3 सालों में बेसिक मॉडल्स में भी इंटरनेट कनेक्टिविटी अनिवार्य फीचर बन सकती है। भारत अब वैश्विक स्तर पर एक ‘टेक-लवी’ (Tech-savvy) ऑटो मार्केट के रूप में उभर रहा है।
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