नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय सिनेमा के लिए जहां एक ओर खुशियों का माहौल था कि फिल्म ‘Homebound’ को 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स (Oscars 2026) के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया है, वहीं अब इस फिल्म के साथ एक बड़ा विवाद जुड़ गया है। ऑस्कर की दिसंबर शॉर्टलिस्ट में अपनी जगह पक्की करने वाली इस फिल्म पर अब कहानी चोरी यानी कॉपीराइट उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा है।
प्रसिद्ध पत्रकार और लेखिका पूजा चांगोईवाला ने फिल्म के निर्माताओं—धर्मा प्रोडक्शंस और नेटफ्लिक्स एंटरटेनमेंट सर्विसेज इंडिया के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। पूजा का दावा है कि फिल्म ‘Homebound’ की कहानी उनकी साल 2021 में आई चर्चित किताब ‘Homebound’ से अवैध रूप से ली गई है।
क्या है पूरा मामला?
नीरज घेवन द्वारा निर्देशित इस फिल्म में इशान खट्टर, विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कहानी दो ऐसे दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है जो कोविड-19 महामारी के दौरान पुलिस भर्ती की परीक्षा पास करने की कोशिश कर रहे हैं। कान्स फिल्म फेस्टिवल में तारीफ बटोरने और 26 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद, फिल्म ने हाल ही में ऑस्कर की टॉप-15 शॉर्टलिस्ट में जगह बनाकर इतिहास रचा था।
लेकिन पूजा चांगोईवाला के आरोपों ने अब फिल्म की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पूजा ने बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। मीडिया रिपोर्ट्स और हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक ईमेल बयान में उन्होंने पुष्टि की है कि उनके वकील ने औपचारिक कानूनी कार्यवाही शुरू करने से पहले ही प्रोडक्शन हाउस को नोटिस भेज दिया है।
“सिर्फ टाइटल ही नहीं, डायलॉग और सीन भी चुराए गए”
लेखिका का आरोप है कि फिल्म और उनकी किताब के बीच समानताएं केवल एक इत्तेफाक नहीं हैं। पूजा ने ईमेल में कहा, “दोनों का विषय साल 2020 का कोविड-19 प्रवासी पलायन (Migrant Exodus) है। लेकिन फिल्म देखने के बाद मुझे पता चला कि निर्माताओं ने न केवल मेरी किताब का शीर्षक चुराया है, बल्कि फिल्म के दूसरे हिस्से में मेरी किताब के महत्वपूर्ण हिस्सों—जैसे कि सीन, डायलॉग, कहानी का ढांचा और घटनाओं के क्रम को भी हुबहू कॉपी किया है।”
पूजा के अनुसार, उन्होंने 15 अक्टूबर को ही धर्मा प्रोडक्शंस को कानूनी नोटिस भेज दिया था, जिसमें फिल्म और किताब के बीच सीन-दर-सीन समानता का विवरण दिया गया था। हालांकि, प्रोडक्शन हाउस ने इन आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
कोर्ट की चौखट पर पहुंची बात
अब यह मामला महाराष्ट्र राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के पास पहुंच गया है। पूजा ने वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 12A के तहत आवेदन दायर किया है, जो किसी भी कमर्शियल सूट को दर्ज करने से पहले अनिवार्य मध्यस्थता की प्रक्रिया है। पूजा का कहना है कि फिल्म की स्क्रिप्ट 2022 में तैयार की गई थी, जबकि उनकी किताब 2021 में ही पब्लिश होकर बाजार में आ चुकी थी।
लेखिका की मांगें काफी सख्त हैं। वह चाहती हैं कि:
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फिल्म के वितरण (Distribution) पर स्थायी रोक लगाई जाए।
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फिल्म से विवादित और चोरी किए गए हिस्से हटाए जाएं।
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फिल्म का टाइटल बदला जाए।
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उन्हें उचित वित्तीय मुआवजा (Financial Compensation) दिया जाए।
पूजा ने कड़े शब्दों में कहा, “मैं जानती हूं कि मैं बहुत शक्तिशाली संस्थाओं को चुनौती दे रही हूं, लेकिन लेखकों के लिए अपने काम की रक्षा करना जरूरी है। जब उनकी सहमति के बिना उनके काम का शोषण किया जाता है, तो आवाज उठाना आवश्यक हो जाता है।”
मेकर्स का क्या है कहना?
फिल्म के निर्माताओं का कहना है कि फिल्म की कहानी एक विदेशी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में छपे पत्रकार बशारत पीर के लेख ‘A Friendship, a Pandemic and a Death Beside the Highway’ से प्रेरित है। इस पूरे विवाद पर धर्मा प्रोडक्शंस ने अभी विस्तार से कुछ नहीं कहा है। उनकी ओर से एक प्रवक्ता ने संक्षिप्त संदेश में बस इतना कहा, “हम इस दावे का कानूनी रूप से जवाब दे रहे हैं और फिलहाल इस पर कुछ भी टिप्पणी नहीं कर सकते।”
क्या ऑस्कर की रेस पर पड़ेगा असर?
फिल्म एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह के कानूनी विवाद ऑस्कर जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिल्म की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। अगर बॉम्बे हाई कोर्ट इस मामले में कोई सख्त आदेश देता है, तो ‘Homebound’ के ऑस्कर सफर में बड़ी रुकावट आ सकती है।
अब देखना यह होगा कि कोर्ट में यह जंग क्या मोड़ लेती है। क्या ‘Homebound’ अपनी बेगुनाही साबित कर पाएगी या फिर एक लेखिका का संघर्ष रंग लाएगा? बॉलीवुड के गलियारों में इस समय इसी चर्चा का बाजार गर्म है।
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