मेरठ में सुहागरात पर गायब हुए दूल्हे का पांच दिन बाद हरिद्वार से मिलना परिवार के लिए बड़ी राहत बनकर आया। मामले ने जिस तरह मोड़ लिया, वह सुनकर इलाके के लोग भी हैरान हैं। पुलिस के मुताबिक, दूल्हा मेंटल स्ट्रेस और एंग्जायटी के चलते घर से निकल गया था और वे पाँच दिन तक बिना बताए चलते रहे।
इसा हुआ कैसे — घटना की पृष्ठभूमि
यह घटना मुजफ्फरनगर के निकट हुई शादी के दौरान दर्ज हुई। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मोहसिन की शादी पांच दिन पहले हुई थी। शादी की रात जब मोहसिन उस कमरे में गया जहां उसकी दुल्हन इंतजार कर रही थी, तो वहां रोशनी बहुत तेज थी। दुल्हन ने कहा कि एक छोटा बल्ब लाकर लगाओ। मोहसिन कमरे से बाहर गया लेकिन वापस नहीं लौटा। वहीं कमरे में बैठी दुल्हन और दोनों परिवार उसकी वापसी की आशा में बैठे रहे।
सीसीटीवी और नहर की आशंका
बाद में सीसीटीवी फुटेज में मोहसिन को गंगा नहर के पास दिखाया गया। यह देख परिवार में खलबली मच गई और डर बैठ गया कि कहीं वह नहर में गिर तो नहीं गया। पुलिस ने पानी में तलाशी के लिए पीएसी के गोताखोरों को बुलाया और आसपास के कैमरों तथा मोबाइल लोकेशन की जांच शुरू कर दी।
परिवार पर असर — शादी की रस्में बिना दूल्हे हुईं
मोहसिन की गायब होने की खबर के चलते अगले दिन उसकी दो बहनों की शादी भी शांत माहौल में पूरी हुई — वह रस्में उसके बिना ही पूरी कर दी गईं। रिश्तेदारों का कहना था कि जो खुशी का माहौल था, वह अब चिंता और उदासी में बदल गया था क्योंकि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि मोहसिन क्यों चला गया।
खोज और बरामदगी
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब परिवार के एक रिश्तेदार को मोहसिन का फोन आया और उसने खुद बताया कि वह हरिद्वार में है। जैसे ही खबर मिली, परिवार ने पुलिस को सूचना दी और कुछ सदस्य हरिद्वार निकल पड़े। वहां पहुंचकर उन्होंने मोहसिन को सुरक्षित पाया और पुलिस ने उसे परिवार के हवाले कर दिया। परिवार ने उसे पाकर राहत की सांस ली।
मोहसिन ने क्या कहा?
पुलिस पूछताछ में मोहसिन ने स्वीकार किया कि वह दुल्हन के सामने घबरा हुआ महसूस कर रहा था। तेज रोशनी और माहौल ने उसे परेशान कर दिया। उसने बताया कि उसे बहुत अधिक एंग्जायटी और मेंटल स्ट्रेस हो गया था, इसलिए वह बिना किसी को बताए घर छोड़कर पैदल चलता चला गया और अंततः हरिद्वार पहुंच गया। उसने कहा कि चलते-चलते उसे पछतावा भी हुआ पर किसी को समझा नहीं पाया।
पुलिस ने मोहसिन को रिश्तेदारों के हवाले कर दिया है और बताया गया है कि परिवार उसे डॉक्टर से दिखाएगा। परिवार ने कहा कि अब वे मोहसिन के साथ धैर्य और प्यार से पेश आएंगे और ज़रूरी चिकित्सीय सहायता दिलाएंगे। पुलिस ने भी कहा कि घटनास्थल की जांच जारी रहेगी और आगे जानकारी मिलने पर साझा की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि उत्सवों के बीच भी मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं। ऐसे समय में खुली बातचीत, समझदारी और जरूरत पड़ने पर पेशेवर मदद लेना जरूरी है, ताकि छोटे-छोटे तनाव बड़े हादसों में बदलने से पहले संभाला जा सके।
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