जर्मनी ने देश के संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक ढांचे को खतरे में डालने के आरोप में मुस्लिम Interaktiv नामक एक संगठन पर बड़ा शिकंजा कस दिया है। बुधवार (5 नवंबर 2025) को सरकार ने इस संगठन पर पाबंदी लगाने के साथ-साथ दो अन्य मुस्लिम समूहों—Generation Islam और Reality Islam—के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई शुरू की। देशभर के कई शहरों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने छापेमारी की।
जर्मन गृह मंत्रालय के अनुसार, Muslim Interaktiv पर देश की संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ काम करने, यहूदी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने और महिलाओं व लैंगिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला करने के गंभीर आरोप हैं। मंत्रालय ने बताया कि यह संगठन इस्लाम को एकमात्र शासन व्यवस्था के रूप में पेश करता था और मुस्लिम समुदाय में इस्लामी कानून को जर्मन कानून से ऊपर बताकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
सरकार का सख्त रुख
गृह मंत्री अलेक्ज़ेंडर डोब्रिंट ने बयान जारी कर कहा,
“जो भी लोग हमारी सड़कों पर आक्रामक रूप से खलीफात की मांग करेंगे, इज़राइल और यहूदियों के खिलाफ नफरत भड़काएंगे और महिलाओं व अल्पसंख्यकों के अधिकारों को ठुकराएंगे, उनके खिलाफ कानून की पूरी ताकत से कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने साफ कहा कि जर्मनी अपनी लोकतांत्रिक नींव को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा।
दो अन्य मुस्लिम संगठनों पर भी जांच
सरकार ने बताया कि Muslim Interaktiv के अलावा Generation Islam और Reality Islam नामक दो मुस्लिम समूह भी रडार पर हैं। इनके खिलाफ भी जांच की जा रही है। गृह मंत्री ने कहा कि यह संगठन समाज में नफरत फैलाकर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
“हम ऐसे संगठनों को अपनी आज़ादी और लोकतंत्र को कमज़ोर करने की इजाजत नहीं देंगे,” उन्होंने कहा।
गृह मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यह संगठन महिलाओं और यौन अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ खड़े रहते हैं और उनकी आज़ादी को सीमित करने की वकालत करते हैं। मंत्रालय के बयान में कहा गया कि यह असहिष्णुता लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के खिलाफ है।
कई शहरों में छापेमारी
बुधवार (5 नवंबर) को सुरक्षा एजेंसियों ने उत्तरी शहर हैम्बर्ग में सात ठिकानों पर छापेमारी की। इसके अलावा बर्लिन और मध्य जर्मनी के हेसे राज्य में भी 12 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई उन दो समूहों—Generation Islam और Reality Islam—के संदर्भ में की गई है जिन पर जांच चल रही है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, Muslim Interaktiv का लक्ष्य लोगों को अपने विचारों से प्रभावित कर लोकतंत्र विरोधी सोच को मजबूत करना था। आरोप है कि संगठन अपने समर्थकों को ऐसे विचारों से लैस कर रहा था जिससे वे जर्मन संविधान का विरोध करने लगें और सामाजिक व्यवस्था को लगातार कमजोर करें।
ऑनलाइन मौजूदगी हटाई गई
सरकारी कार्रवाई के बाद बुधवार सुबह Muslim Interaktiv की ऑनलाइन मौजूदगी हटती हुई दिखाई दी। संगठन से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन वह संपर्क में नहीं आ सका।
संवैधानिक सुरक्षा पर जोर
जर्मनी पिछले कुछ समय से चरमपंथी विचारों और संविधान विरोधी गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाए हुए है। सरकार का कहना है कि ऐसे किसी भी विचार को पनपने नहीं दिया जाएगा जो मानवाधिकार, समानता और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाए। खासकर उन समूहों को टारगेट किया जा रहा है जो धर्म के नाम पर अपने कट्टर एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब यूरोप में चरमपंथ और यहूदी समुदाय के खिलाफ बढ़ते नफरत भरे मामलों को लेकर चिंता बढ़ी है। जर्मनी ने बार-बार संकेत दिए हैं कि वह किसी भी समूह को देश की कानूनी व्यवस्था के खिलाफ खड़े होने नहीं देगा, चाहे वह किसी भी ताकतवर धार्मिक या सामाजिक पृष्ठभूमि से क्यों न आता हो।
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