सावधान! अगर आपके ब्लड टेस्ट में बढ़ा है ये लेवल, तो किडनी हो सकती है फेल—नई रिसर्च में बड़ा खुलासा

सावधान! अगर आपके ब्लड टेस्ट में बढ़ा है ये लेवल, तो किडनी हो सकती है फेल—नई रिसर्च में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: अगर आप या आपके घर में कोई भी डायबिटीज (Diabetes) से पीड़ित है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अक्सर डायबिटीज के मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे अपने शुगर लेवल पर नजर रखें, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके खून में छिपा एक छोटा सा संकेत आपकी किडनी (Kidney) के भविष्य के बारे में बहुत कुछ बता सकता है? हाल ही में हुई एक बड़ी रिसर्च में यह सामने आया है कि NLR (Neutrophil-to-Lymphocyte Ratio) का बढ़ा हुआ लेवल किडनी खराब होने का एक बड़ा अलार्म हो सकता है।

क्या है यह नई रिसर्च?

जनवरी 2026 में ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित एक व्यापक अध्ययन (Meta-analysis) में वैज्ञानिकों ने चौंकाने वाले दावे किए हैं। इस स्टडी में दुनिया भर के लगभग 14,300 लोगों को शामिल किया गया था। रिसर्च में पाया गया कि जिन डायबिटीज के मरीजों का NLR लेवल सामान्य से अधिक था, उनमें डायबिटिक नेफ्रोपैथी (Diabetic Nephropathy) यानी किडनी की गंभीर बीमारी होने का खतरा काफी ज्यादा था।

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आखिर क्या होता है NLR?

सरल भाषा में कहें तो, हमारे खून में दो तरह की कोशिकाएं होती हैं—न्यूट्रोफिल (Neutrophil) और लिम्फोसाइट (Lymphocyte)। जब शरीर के अंदर सूजन (Inflammation) बढ़ती है, तो न्यूट्रोफिल की संख्या बढ़ जाती है और लिम्फोसाइट कम होने लगते हैं। इन दोनों के अनुपात को ही NLR कहा जाता है। रिसर्च बताती है कि यह अनुपात जितना ज्यादा होगा, आपकी किडनी को उतना ही अधिक खतरा है।

60 साल से ऊपर वालों और मोटे लोगों को ज्यादा खतरा

इस रिसर्च में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि:

  1. उम्र: 60 साल या उससे अधिक उम्र के मरीजों में बढ़े हुए NLR का असर बहुत तेजी से देखा गया।

  2. वजन (BMI): जिनका BMI 25 से ऊपर है यानी जो लोग मोटापे का शिकार हैं, उनमें किडनी फेलियर का खतरा सामान्य लोगों के मुकाबले दोगुना पाया गया।

  3. किडनी की कार्यक्षमता: हाई NLR लेवल वाले मरीजों में किडनी की गंदगी छानने की क्षमता (eGFR) बहुत जल्दी कम होने लगती है।

क्यों बढ़ रहा है खतरा?

डायबिटीज के मरीजों में लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ने से शरीर की नसों में सूजन (Inflammation) पैदा होती है। यह सूजन धीरे-धीरे किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाती है। NLR इसी सूजन का एक सटीक संकेत देता है। अगर समय रहते इसे पकड़ लिया जाए, तो किडनी को पूरी तरह खराब होने से बचाया जा सकता है।

कैसे करें बचाव?

डॉक्टरों का मानना है कि डायबिटीज के मरीजों को अब रूटीन चेकअप में सिर्फ शुगर ही नहीं, बल्कि NLR लेवल की भी जांच करानी चाहिए। यह एक बहुत ही सस्ता और आसान ब्लड टेस्ट है जो किसी भी लैब में हो जाता है। इसके अलावा:

किडनी की बीमारी अक्सर “साइलेंट किलर” की तरह आती है। शुरुआती चरणों में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन जब तक पता चलता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। ऐसे में NLR जैसे नए बायोमार्कर उम्मीद की एक नई किरण हैं। अगर आप सतर्क रहेंगे, तो आप अपनी किडनी को सुरक्षित रख सकते हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • मयूर फाटक BigNews18.in के संस्थापक और प्रमुख कंटेंट राइटर हैं। वे 2024 से सरकारी योजनाओं, सरकारी भर्ती, स्वास्थ्य और राशिफल विषयों पर शोध-आधारित हिंदी लेख लिख रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं (PM Kisan, PM Awas Yojana, Ladki Bahin Yojana), SSC/Railway/MPSC भर्ती अपडेट, और डायबिटीज, BP, किडनी जैसी आम स्वास्थ्य समस्याओं के घरेलू उपायों पर है। मयूर का उद्देश्य है कि हर आम भारतीय को सरकारी लाभ और स्वास्थ्य जानकारी सरल हिंदी में उपलब्ध हो।

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