रायपुर में सामने आए रोंगटे खड़े कर देने वाले सूटकेस हत्याकांड में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। किशोर पैंकरा हत्याकांड के मुख्य आरोपी अंकित उपाध्याय सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों में शिवानी उपाध्याय, विनय यदु और सूर्यकांत यदु शामिल हैं। पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि हत्या से पहले किशोर पैंकरा को पोहा और चना खिलाया गया था।
18 लाख रुपये बने मौत का कारण
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, किशोर पैंकरा ने आरोपी अंकित उपाध्याय को 18 लाख रुपये दिए थे, जो इस वारदात की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आज शाम इस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस अपराध स्थल पर भी ले जाएगी, जहां हत्या के पूरे घटनाक्रम को पुनः प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस रिमांड के पश्चात आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि हत्या के पैटर्न और साजिश के सभी पहलुओं को पूरी तरह से उजागर किया जा सके।
दिल्ली से पकड़ा गया मास्टरमाइंड
यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इस रोमांचकारी ‘सूटकेस मर्डर केस’ ने समूचे शहर में हलचल मचा दी थी। इस मामले में रायपुर पुलिस ने न केवल मृतक की पहचान स्थापित की, बल्कि मास्टरमाइंड समेत चारों आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आश्चर्यजनक रूप से, इस बड़ी हत्याकांड के मास्टरमाइंड के रूप में जिस व्यक्ति का नाम प्रकाश में आया, वह और कोई नहीं बल्कि एक प्रशिक्षित वकील अंकित उपाध्याय है। उसके साथ उसकी पत्नी शिवानी शर्मा को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी घटना के पश्चात दिल्ली भाग गए थे। हालांकि, रायपुर पुलिस की तत्परता और दिल्ली पुलिस व CISF के सक्रिय सहयोग से उन्हें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे विदेश भागने की तैयारी में थे।
सूटकेस में मिला था शव
जानकारी के अनुसार, किशोर पैंकरा की निर्मम हत्या के बाद उसका शव एक सूटकेस में बंद कर दिया गया। इसके बाद उस पर सीमेंट डालकर उसे पूरी तरह से सीलबंद किया गया और शव को डीडीनगर थाना क्षेत्र के इंद्रप्रस्थ फेस-2 इलाके की एक निर्जन जगह पर त्याग दिया गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही शहर के निवासियों में भय और आक्रोश की लहर दौड़ गई थी।
प्रारंभ में शव की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जब जांच प्रक्रिया आरंभ हुई तो एक-एक कड़ी जुड़ती चली गई और अंततः अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सका। यह प्रकरण स्पष्ट करता है कि अपराध कितना भी जटिल क्यों न हो, कानून का हाथ हमेशा अपराधियों तक पहुंचता है।
इस हत्याकांड की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संभावित संबंधों और मोटिव को तलाशने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं जो इस जघन्य अपराध के सभी पहलुओं को स्पष्ट करेंगे।
