सावधान! क्या भारत में ‘नोटबंदी’ के पीछे था इस ‘धुरंधर’ विलेन का हाथ? 8 नवंबर का वो कनेक्शन और रूह कंपा देने वाली मौत का सच

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आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ (Dhurandhar) बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है। फिल्म की स्टारकास्ट को जहां जमकर तारीफें मिल रही हैं, वहीं फिल्म के एक विलेन को लोग सोशल मीडिया पर जमकर गालियां दे रहे हैं। ये नफरत किसी और के लिए नहीं, बल्कि फिल्म में ‘हवाला किंग’ जावेद खनानी का किरदार निभाने वाले एक्टर अंकित सागर के लिए है।

अंकित ने खुलासा किया है कि लोग उन्हें थप्पड़ मारने तक की बात कह रहे हैं। फिल्म में जावेद खनानी का किरदार मीठी बातों की चाशनी में भिगोकर भारत की अर्थव्यवस्था को अंदर ही अंदर खोखला करता दिखाया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर दिखने वाला यह विलेन असल जिंदगी में भारत में हुई ‘नोटबंदी’ (Demonetization) से गहराई से जुड़ा था?

कौन थे खनानी ब्रदर्स और क्या था उनका काला कारोबार?

जावेद खनानी असल में अल्ताफ खनानी का भाई था। इन दोनों भाइयों को दुनिया ‘हवाला किंग’ के नाम से जानती थी। इनका काम था नकली नोट बनाना, काले धन को सफेद करना और पूरी दुनिया में हवाला रैकेट चलाना। खनानी ब्रदर्स हमेशा अपने पास 1000 से 1500 करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोट रखते थे। इनका असली मकसद भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करना था।

7 और 8 नवंबर 2016 का वो खौफनाक कनेक्शन

इस पूरी कहानी में तारीखों का बड़ा खेल है। स्क्रीनराइटर सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’ ने इस क्रोनोलॉजी को समझाया है:

जैसे ही भारत में 500 और 1000 के नोट बंद हुए, पाकिस्तान में बैठा जावेद खनानी सड़क पर आ गया। उसके पास मौजूद हजारों करोड़ के नकली नोट पल भर में रद्दी का टुकड़ा बन गए।

नोटबंदी के एक महीने के अंदर ही हुई दर्दनाक मौत

नोटबंदी ने जावेद खनानी के साम्राज्य को हिला दिया। उसे ड्रग माफियाओं और आईएसआई (ISI) को मोटी रकम देनी थी, लेकिन उसके पास अब देने के लिए कुछ नहीं बचा था। उज़ैर बलोच जैसे अपराधियों के दबाव और नोटबंदी की मार ने उसे चारों ओर से घेर लिया।

फिर आई 4 दिसंबर 2016 की वो तारीख। भारत में नोटबंदी हुए अभी एक महीना भी नहीं बीता था कि खबर आई कि जावेद खनानी अपनी आठ मंजिला बिल्डिंग से नीचे गिर गया है।

हत्या, आत्महत्या या हादसा? मौत आज भी रहस्य

जावेद खनानी की मौत को लेकर आज भी सस्पेंस बरकरार है। पुलिस जांच में तीन थ्योरी सामने आई थीं:

  1. आत्महत्या: परिवार का दावा था कि उसने खुदकुशी की।
  2. हत्या: पार्टनर्स ने उसे बिल्डिंग से नीचे फेंक दिया।
  3. हादसा: वह गलती से नीचे गिर गया।

चश्मदीदों के मुताबिक, जब वह आठवीं मंजिल से गिरा, तो वह नीचे लगे हाई-वोल्टेज बिजली के तारों से टकराया। तारों में जबरदस्त स्पार्क (चिंगारी) हुआ और वह जमीन पर गिरते ही तड़प-तड़पकर मर गया। एसपी जावेद मुश्ताक ने इसकी जांच शुरू की, लेकिन वह कभी पूरी नहीं हो सकी।

‘धुरंधर 2’ में दिखेगा मौत का असली मंजर

फिल्म ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट में जावेद खनानी को बहुत सिंपल दिखाया गया है, लेकिन ‘धुरंधर 2’ में उसकी मौत का भयानक सीन फिल्माया जाएगा। मेकर्स इस सीन को और भी ज्यादा डरावना बनाने के लिए इसे रात के वक्त शूट करेंगे, ताकि बिजली के तारों के स्पार्क को और भी खौफनाक तरीके से दिखाया जा सके। असल जिंदगी में जावेद दोपहर डेढ़ बजे मरा था, लेकिन पर्दे पर उसकी मौत 26/11 के जख्मों का बदला लेने जैसी दिखाई जाएगी।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

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