धर्मेंद्र की आख़िरी ख्वाहिश: बेटी आहना ने मांगा था सिर्फ ये पुराना राज!

धर्मेंद्र की आख़िरी ख्वाहिश: बेटी आहना ने मांगा था सिर्फ ये पुराना राज!

धर्मेंद्र की मौत के बाद उनकी बेटी आहना देओल ने एक पुराना खुलासा किया था — पैसे नहीं, सिर्फ एक फिएट कार चाहिए थी। भारत के सिनेमा ने 24 नवंबर को एक नायाब हीरा खो दिया। ‘ही मैन’ कहे जाने वाले धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनके चले जाने से न सिर्फ फैंस बल्कि पूरा परिवार सदमे में है। घर पर बॉलीवुड के कई चेहरे तो आए ही, सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलि का सिलसिला जारी रहा। धर्मेंद्र अपने बच्चों के बेहद करीब थे — पोते-पोतियाँ उनकी आंखों के तारे थे और बेटियाँ उनका कलेजा।

परिवार की बात करें तो धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर से दो बेटियाँ थीं और हेमा मालिनी से भी दो — ऐशा और आहना देओल। उनकी बेटियों के साथ रिश्ता हमेशा प्यार भरा और गर्मजोशी वाला रहा। धर्मेंद्र की यादों में दबी कई हंसी-ठिठोली वाली दास्तानें अब शेयर की जा रही हैं; उनमें से एक किस्सा खास तौर पर आहना देओल के बारे में है, जो पुराना इंटरव्यू याद दिलाता है।

आहना ने एक पुराने साक्षात्कार में बताया था कि वे पापा की कोई बड़ी संपत्ति या पैसा नहीं चाहतीं। उन्होंने कहा था कि पिताजी ने उन्हें जिन मानवीय मूल्यों की शिक्षा दी, वही उनकी सबसे बड़ी विरासत हैं — प्यार, स्नेह, खुश और मजबूत रहना। आहना ने खुलकर कहा था, “मेरे पापाजी ने मुझे हमेशा स्नेही होना सिखाया। वो कहते थे कि यह प्यार और स्नेह के बारे में है। उन्होंने मुझे खुश, स्वस्थ और मजबूत रहना सिखाया।” यह बात सुनने में सरल लगती है, पर इसके मायने बेहद गहरे हैं।

जब उनसे पूछा गया कि विरासत में वे पापा से क्या चाहेंगीं, तो आहना ने न पैसे कहा न शोहरत — बल्कि उनका जवाब सीधे-सादे और दिल से था: धर्मेंद्र की पहली फिएट कार। उन्होंने कहा कि वह कार बहुत प्यारी और पुरानी है और उसमें उनके पिताजी की अनगिनत यादें बसी होंगी। “अगर मुझे पापा की फिएट मिल जाए तो मैं उसे अपनी कार के रूप में इस्तेमाल करना चाहूँगी,” उन्होंने कहा।

आहना ने अपने बचपन की एक याद भी साझा की जो उनके लिए बेहद कीमती है। उन्होंने बताया कि वह जब छह साल की थीं, तो धर्मेंद्र लोनावला जा रहे थे। जाने से पहले वे अचानक रुक गए और आहना ने कहा कि उन्हें भी जाना है। धर्मेंद्र ने बिना किसी हिचकिचाहट के उनका बैग पैक किया, उन्हें अपनी गोद में बिठाकर साथ ले गए। आहना ने इसे अपनी सबसे प्यारी यादों में से एक बताया और कहा कि वह इसे हमेशा प्यार से याद रखेंगी।

धर्मेंद्र पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। 10 नवंबर को उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई थी। कुछ समय के लिए उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन परिवार की अनुमति पर दो दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और तब से उनकी देखभाल घर पर चल रही थी। वे 8 दिसंबर को 90 साल के होने वाले थे, पर उससे पहले ही 24 नवंबर को उन्होंने दुनिया छोड़ी।

धर्मेंद्र की यादें अब सिर्फ तस्वीरों और फिल्मों में नहीं, बल्कि उनकी बेटियों की ज़ुबानी उन छोटी-छोटी बातों में भी बची रहेंगी — जैसे एक पुरानी फिएट कार और गोद में बैठकर की गई यात्रा की वह मासूम याद। यही छोटी-छोटी निशानियाँ अक्सर बड़ी-बड़ी संपत्तियों से कहीं अधिक मायने रखती हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

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