दिल्ली समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में अगले दो दिनों तक तेज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि तीन मौसमी सिस्टम—मॉनसून ट्रफ/निम्न दबाव, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण—एक साथ सक्रिय हैं, जिससे बारिश तीव्र हो सकती है और तापमान में गिरावट आएगी। वहीं, रविवार को राजधानी में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुए।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में मॉनसून की रेखा (निम्न दबाव क्षेत्र) बनी हुई है। इसके साथ पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर भी दिख रहा है। इन तीनों के मेल से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के कुछ हिस्सों, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में जोरदार बारिश के आसार हैं। अनुमान है कि सोमवार को दिल्ली में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
रविवार को दिल्ली के लोधी रोड समेत कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान नीचे आया। सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 2.4 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है।
हवा साफ-सुथरी: मौसम की अनुकूल स्थितियों की वजह से राजधानी की हवा फिलहाल बेहतर बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का औसत AQI 79 रहा, जिसे ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रखा जाता है। अगली दो दिनों में भी वायु गुणवत्ता साफ रहने की संभावना है।
दिल्ली में यमुना उफान पर, बाढ़ का खतरा बढ़ा
हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। रविवार सुबह पुराना रेलवे पुल (ORB) के पास जलस्तर 205.44 मीटर दर्ज हुआ, जो 205.33 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर था। शाम तक जलस्तर में थोड़ी कमी दिखी, लेकिन सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मुताबिक, बैराज से छोड़ा गया पानी (रविवार शाम 6 बजे 63,094 क्यूसेक) सोमवार शाम तक दिल्ली पहुंचेगा, जिससे पानी फिर बढ़ सकता है। एहतियात बरतने की अपील की गई है।
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