नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी है। नजफगढ़ इलाके में दिनदहाड़े एक जिम ट्रेनर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह वारदात इतनी पेशेवर तरीके से की गई कि पुलिस को इसके पीछे किसी बड़े गैंग का हाथ होने का शक है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश के तार राजस्थान की एक कुख्यात ‘लेडी डॉन’ से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
जिम के बाहर मौत का इंतजार
वारदात शाम के समय हुई जब 26 वर्षीय साहिल (नाम परिवर्तित) रोज की तरह जिम से कसरत कर बाहर निकला था। वह अपनी बाइक की ओर बढ़ ही रहा था कि अचानक एक सफेद रंग की कार उसके पास आकर रुकी। इससे पहले कि साहिल कुछ समझ पाता, कार से दो नकाबपोश शूटर निकले और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
[Image showing a high-speed police chase or a forensic team investigating a vehicle]
CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर
पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावरों ने साहिल पर करीब 10 से 12 राउंड गोलियां चलाईं। साहिल जान बचाने के लिए भागा, लेकिन शूटरों ने उसका पीछा किया और सिर में गोली मारकर काम तमाम कर दिया। महज 30 सेकंड के भीतर हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि हमलावरों को साहिल के आने-जाने के समय की सटीक जानकारी थी, जिसका मतलब है कि उसकी कई दिनों से ‘रेकी’ की जा रही थी।
क्या है ‘लेडी डॉन’ का कनेक्शन?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि साहिल का एक चर्चित गैंग के गुर्गों से विवाद चल रहा था। इस विवाद में राजस्थान की एक लेडी डॉन का नाम उछला है, जो फिलहाल जेल में बंद है लेकिन वहीं से अपना सिंडिकेट चला रही है। शक है कि साहिल की हत्या उसी के इशारे पर ‘कॉन्ट्रैक्ट किलर्स’ ने की है।
इलाके में दहशत, पुलिस की 5 टीमें तैनात
इस सरेआम हत्या के बाद नजफगढ़ और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना है। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 5 विशेष टीमें बनाई हैं जो हरियाणा और राजस्थान के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि उनके पास कुछ पुख्ता सुराग हैं और जल्द ही मास्टरमाइंड सलाखों के पीछे होगा।
यह घटना एक बार फिर दिल्ली में बढ़ते ‘गैंग कल्चर’ और अवैध हथियारों की सप्लाई पर बड़े सवाल खड़े करती है। क्या एक आम जिम ट्रेनर का किसी गैंग से ऐसा क्या लेना-देना था कि उसकी जान ले ली गई? इसका जवाब तो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मिल पाएगा।
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