दुनिया की राजनीति में जब भी किसी बेबाक और ताकतवर महिला नेता का जिक्र आता है, तो वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज (Delcy Rodríguez) का नाम सबसे ऊपर आता है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सबसे भरोसेमंद सिपहसालार मानी जाने वाली डेल्सी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके कड़े रुख और वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के उनके ‘मास्टरप्लान’ ने बड़े-बड़े देशों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
आखिर क्यों चर्चा में हैं डेल्सी रोड्रिग्ज?
वेनेजुएला इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बावजूद, डेल्सी रोड्रिग्ज ने हार नहीं मानी है। उन्होंने हालिया बयानों में साफ कर दिया है कि वेनेजुएला अब पश्चिमी देशों के दबाव में झुकने वाला नहीं है। डेल्सी का कहना है कि वेनेजुएला अपनी संप्रभुता और अपने तेल संसाधनों (Oil Resources) पर किसी का हक नहीं जमने देगा। जानकारों का मानना है कि उनका यह रुख सीधे तौर पर वाशिंगटन को एक बड़ी चुनौती है।
तेल और अर्थव्यवस्था पर ‘आयरन लेडी’ का कंट्रोल
डेल्सी सिर्फ उपराष्ट्रपति ही नहीं हैं, बल्कि वे देश की अर्थव्यवस्था और तेल मंत्रालय पर भी गहरी पकड़ रखती हैं। उन्होंने रूस, चीन और भारत जैसे देशों के साथ नए व्यापारिक रास्ते खोलने की वकालत की है। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, “दुनिया अब एकतरफा नहीं रही। हम उन देशों के साथ हाथ मिलाएंगे जो हमारी शर्तों पर व्यापार करेंगे।”
उनकी इस रणनीति का असर भी दिखने लगा है। वेनेजुएला ने धीरे-धीरे अपने कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं, जो पिछले कुछ सालों में प्रतिबंधों की वजह से काफी नीचे गिर गया था। डेल्सी का मानना है कि अगर वेनेजुएला अपनी अर्थव्यवस्था को ‘डी-डॉलराइजेशन’ (डॉलर मुक्त) की ओर ले जाता है, तो यह देश के लिए एक नई आजादी जैसा होगा।
ब्रिक्स (BRICS) में एंट्री और ग्लोबल पॉलिटिक्स
डेल्सी रोड्रिग्ज की सबसे बड़ी कोशिश वेनेजुएला को BRICS समूह में शामिल कराने की है। उनका तर्क है कि ब्रिक्स दुनिया की उभरती हुई ताकतों का समूह है और वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। अगर वेनेजुएला इस समूह का हिस्सा बनता है, तो ग्लोबल एनर्जी मार्केट की पूरी तस्वीर बदल सकती है। उनके इस कूटनीतिक दांव से यूरोपीय देशों में भी हलचल तेज हो गई है।
विवादों से भी रहा है पुराना नाता
कहते हैं कि राजनीति में जो जितना ताकतवर होता है, विवाद उसके साथ उतने ही जुड़े होते हैं। डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ भी ऐसा ही है। यूरोपीय संघ और अमेरिका ने उन पर कई यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं। लेकिन इन सबसे बेपरवाह डेल्सी अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गरजती नजर आती हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि वे वेनेजुएला की ‘ढाल’ हैं, जबकि विरोधी उन्हें सरकार का सबसे सख्त चेहरा मानते हैं।
क्या होगा आगे?
आने वाले समय में डेल्सी रोड्रिग्ज की भूमिका और भी अहम होने वाली है। क्या वे वेनेजुएला को आर्थिक संकट से पूरी तरह बाहर निकाल पाएंगी? क्या ब्रिक्स के जरिए वे अमेरिका को मात दे सकेंगी? ये ऐसे सवाल हैं जिन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। फिलहाल, काराकास के गलियारों से लेकर संयुक्त राष्ट्र के मंच तक, डेल्सी की धमक साफ सुनाई दे रही है।
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