एक ‘हसीना’ के चक्कर में ढेर हुआ दुनिया का सबसे बड़ा डॉन! जानें कैसे रॉकेट लॉन्चर लेकर छिपे ‘एल मेनचो’ का हुआ अंत

El Mencho Dead: दुनिया के सबसे बड़े ड्रग डॉन का अंत

मेक्सिको सिटी: दुनिया के सबसे खतरनाक और वांटेड ड्रग माफिया नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंट्स उर्फ ‘एल मेनचो’ (El Mencho) का खूनी साम्राज्य आखिरकार ढह गया है। मेक्सिको के जंगलों में छिपे इस डॉन को पकड़ने के लिए सेना ने जो जाल बुना, उसकी कहानी किसी हॉलीवुड थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि जिस ‘एल मेनचो’ को पकड़ने के लिए दुनिया भर की एजेंसियां सालों से खाक छान रही थीं, उसका अंत ठीक उसी तरह हुआ जैसे 10 साल पहले कुख्यात ड्रग लॉर्ड ‘एल चापो’ का हुआ था—एक महिला की एक छोटी सी गलती और डॉन का खेल खत्म!

जालिस्को के पहाड़ों में आखिरी रात

मेक्सिको के जालिस्को प्रांत की बर्फीली और दुर्गम पहाड़ियों में ‘एल मेनचो’ ने अपना ठिकाना बनाया हुआ था। वह अपने दर्जनों अंगरक्षकों के साथ एक सुरक्षित केबिन में छिपा था। रविवार की उस काली सुबह, जब पूरी दुनिया सो रही थी, मेक्सिकन आर्मी की स्पेशल फोर्सेज उसके बिल्कुल करीब पहुंच चुकी थीं। बताया जा रहा है कि जब सेना ने उसे घेरा, तो उसके पास एक रॉकेट लॉन्चर और उसके चार सबसे भरोसेमंद लड़ाके मौजूद थे। लेकिन सेना की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली और भारी गोलीबारी में ‘एल मेनचो’ मारा गया।

एक ‘मुलाकात’ ने पहुंचाया काल के द्वार

आखिर सेना को उसकी सटीक लोकेशन कैसे मिली? यह सवाल हर किसी के जेहन में है। मेक्सिको के रक्षा सचिव रिकार्डो ट्रेविला ने खुलासा किया कि इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे एक महिला का हाथ था। दरअसल, एल मेनचो की एक ‘सेंटीमेंटल पार्टनर’ (प्रेमिका) उससे मिलने के लिए जालिस्को के टापाल्पा (Tapalpa) शहर पहुंची थी। सेना की खुफिया इकाई पिछले कई महीनों से उस महिला के एक खास करीबी शख्स पर नजर रख रही थी।

20 फरवरी को सेना को पक्का इनपुट मिला कि यह महिला एल मेनचो से मिलने जा रही है। 21 फरवरी को जैसे ही वह महिला उस सुरक्षित ठिकाने से बाहर निकली, सेना को यकीन हो गया कि ‘बड़ा शिकार’ अंदर ही है। ठीक वैसा ही हुआ जैसा ठीक 10 साल पहले 22 फरवरी को ‘एल चापो’ गुज़मैन के साथ हुआ था, वह भी एक महिला से मिलने की चाहत में पकड़ा गया था।

अमेरिका और मेक्सिको का जॉइंट ऑपरेशन

मेक्सिको के जनरल ट्रेविला ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद जटिल था। इसमें केवल मेक्सिकन सेना की बहादुरी ही नहीं, बल्कि अमेरिका से मिली ‘सीक्रेट इंफॉर्मेशन’ का भी बड़ा हाथ था। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने कुछ ऐसी जानकारी साझा की थी, जिससे एल मेनचो की घेराबंदी करना आसान हो गया। जालिस्को के पास के राज्यों में 6 हेलिकॉप्टरों को गुप्त रूप से तैनात किया गया था ताकि किसी को कानों-कान खबर न हो।

खत्म हुआ खौफ का दूसरा नाम

‘जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल’ (CJNG) का मुखिया एल मेनचो पिछले चार दशकों से ड्रग्स की दुनिया में अपनी धाक जमाए हुए था। उसने न केवल मेक्सिको बल्कि अमेरिका तक अपना नेटवर्क फैला रखा था। उसकी मौत को मेक्सिको सरकार की संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जीत माना जा रहा है। अधिकारियों को डर था कि उसे पकड़ने में भारी खून-खराबा हो सकता है, लेकिन सेना की सर्जिकल स्ट्राइक ने बिना ज्यादा नुकसान के इस खूंखार अपराधी का अंत कर दिया।

एल मेनचो की मौत के साथ ही मेक्सिको के ड्रग वॉर में एक नया मोड़ आ गया है। अब देखना यह होगा कि उसके बाद इस विशाल आपराधिक साम्राज्य की कमान कौन संभालता है और क्या जालिस्को की पहाड़ियों में अब शांति बहाल हो पाएगी?

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

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