IT सेक्टर में मची खलबली! Coforge ने किया अरबों डॉलर का सौदा, अमेरिका की इस दिग्गज AI कंपनी को खरीदा

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नई दिल्ली: भारतीय आईटी सेक्टर से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। दिग्गज आईटी कंपनी Coforge Ltd ने ग्लोबल मार्केट में अपनी धाक जमाने के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है। कंपनी ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद एलान किया कि वह अमेरिका स्थित सिलिकॉन वैली की मशहूर एआई (AI) सॉल्यूशंस कंपनी Encora का अधिग्रहण करने जा रही है।

यह सौदा कोई छोटा-मोटा नहीं है, बल्कि इसकी एंटरप्राइज वैल्यू करीब 2.35 अरब डॉलर (लगभग 19,000 करोड़ रुपये से अधिक) आंकी गई है। इस खबर के बाद से ही टेक जगत और शेयर बाजार के गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

कैसे होगी यह मेगा डील?

Coforge ने इस सौदे के लिए Advent International के साथ एक पक्का समझौता (Definitive Agreement) किया है। कंपनी Encora के 100 फीसदी शेयरों का अधिग्रहण करेगी। खास बात यह है कि यह पूरी डील ‘शेयर स्वैप’ (Share Swap) के जरिए पूरी की जाएगी।

इसका मतलब यह है कि Coforge नकद भुगतान के बजाय नए शेयर जारी करेगी। कंपनी करीब 9.38 करोड़ (93.8 मिलियन) इक्विटी शेयर जारी करने जा रही है, जिसमें एक शेयर की कीमत 1815.91 रुपये तय की गई है। इस हिसाब से इस डील की नॉन-कैश वैल्यू लगभग 17,032 करोड़ रुपये बैठती है। इस सौदे के पूरा होने के बाद, Encora के शेयरधारकों के पास Coforge में लगभग 21.25 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी।

आखिर कौन है Encora और क्यों है खास?

अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर Encora में ऐसा क्या है, तो आपको बता दें कि यह सिलिकॉन वैली की एक दिग्गज टेक कंपनी है। Encora मुख्य रूप से AI-ड्रिवन इंजीनियरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सर्विसेज में माहिर है।

यह कंपनी दुनिया की नामी ‘Fortune 1000’ कंपनियों और बड़े डिजिटल स्टार्टअप्स को अपनी सेवाएं देती है। इस अधिग्रहण के बाद Coforge का दबदबा हाई-टेक और हेल्थकेयर सेक्टर में काफी बढ़ जाएगा। जानकारों का मानना है कि इस कदम से Coforge अब दुनिया की चुनिंदा तकनीकी कंपनियों की कतार में मजबूती से खड़ी हो सकेगी।

फंड जुटाने की भी तैयारी

सिर्फ अधिग्रहण ही नहीं, Coforge ने भविष्य की चुनौतियों के लिए भी कमर कस ली है। कंपनी के बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) या अन्य विकल्पों के जरिए 55 करोड़ डॉलर तक का फंड जुटाने को भी हरी झंडी दे दी है। कंपनी का लक्ष्य अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करना और एआई व डेटा इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में अपनी पकड़ को और गहरा करना है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

आईटी सेक्टर में इस तरह के बड़े अधिग्रहण अक्सर लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ को रफ्तार देते हैं। हालांकि, यह डील अभी रेगुलेटरी मंजूरियों और सामान्य क्लोजिंग शर्तों के अधीन है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो Coforge आने वाले समय में क्लाउड और एआई सेक्टर में एक लीडर बनकर उभर सकती है। सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो निवेशकों की नजरें Coforge के शेयरों पर टिकी रहेंगी।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • दिव्यांशु शोध-लेखन के प्रति बेहद जुनूनी हैं।
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