Coal India के निवेशकों की चमकी किस्मत! 1 जनवरी से पहले खरीदे हैं शेयर? तो इस सरकारी IPO में होगा तगड़ा फायदा

coal-india-shareholders-special-quota-bccl-ipo-details

नई दिल्ली: अगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं और आपके पोर्टफोलियो में सरकारी दिग्गज कंपनी कोल इंडिया (Coal India) के शेयर हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) अपना धमाकेदार आईपीओ (IPO) लेकर आ रही है। लेकिन इस आईपीओ का असली फायदा उन लोगों को मिलने वाला है जिन्होंने नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से पहले ही निवेश कर रखा है।

9 जनवरी से खुलेगा कमाई का पिटारा

भारत कोकिंग कोल (BCCL) का आईपीओ शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को बंद हो जाएगा। यह पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा, जिसका मतलब है कि कोल इंडिया अपनी हिस्सेदारी के करीब 46.57 करोड़ शेयर बाजार में बेचने जा रही है। हालांकि, अभी तक प्राइस बैंड की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बाजार में इसे लेकर अभी से चर्चा तेज है।

1 जनवरी वाली ‘डेडलाइन’ का क्या है माजरा?

इस आईपीओ की सबसे खास बात इसमें दिया गया ‘शेयरहोल्डर कोटा’ है। कंपनी ने कुल इश्यू का 10% हिस्सा उन निवेशकों के लिए रिजर्व रखा है, जिनके पास पहले से कोल इंडिया के शेयर हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इस कोटे का लाभ सिर्फ वही लोग उठा पाएंगे जिन्होंने 1 जनवरी 2026 या उससे पहले कोल इंडिया के शेयर अपने पास रखे हों।

एक्सपर्ट्स की मानें तो शेयरहोल्डर कोटे से आवेदन करने पर अलॉटमेंट की संभावना काफी ज्यादा रहती है। वहीं, आम रिटेल निवेशकों के लिए भी 35% हिस्सा आरक्षित रखा गया है।

क्यों आ रहा है यह सरकारी IPO?

दरअसल, भारत सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। इसके तहत साल 2030 तक कोल इंडिया की सभी यूनिट्स को शेयर बाजार में लिस्ट कराने का लक्ष्य रखा गया है। BCCL इस कड़ी की पहली बड़ी कंपनी बनने जा रही है। इस खबर के आते ही कोल इंडिया के शेयरों में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 7.15% की बढ़त के साथ ₹429.10 के ऑल टाइम हाई पर बंद हुआ।

कोल इंडिया में क्यों मची है लूट?

सिर्फ आईपीओ ही नहीं, कोल इंडिया के लिए एक और अच्छी खबर आई है। अब नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के खरीदार भी सीधे कोल इंडिया की ई-नीलामी (E-auction) में हिस्सा ले पाएंगे। इस फैसले के बाद विदेशी मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कंपनी के रेवेन्यू में भारी इजाफा हो सकता है।

अगर आप भी सरकारी कंपनी के आईपीओ में पैसा लगाने का सोच रहे हैं, तो अपने डीमैट अकाउंट और तारीखों पर नजर बनाए रखें।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • दिव्यांशु शोध-लेखन के प्रति बेहद जुनूनी हैं।
    फिलहाल वे BigNews18.in पर हिंदी न्यूज़ लिखते हैं, जहां वे हर खबर को तेज़ी, सटीकता और संदर्भ के साथ पेश करते हैं।
    जटिल सूचनाओं को सरल, प्रभावी भाषा में बदलना उनकी खासियत है।

    View all posts
Exit mobile version