Bondi Beach पर आतंक का कहर: 15 की मौत, बच्ची भी शामिल, पिता-पुत्र निकले हमलावर, कानून बदलने का ऐलान

Bondi Beach पर आतंक का कहर: 15 की मौत, बच्ची भी शामिल, पिता-पुत्र निकले हमलावर, कानून बदलने का ऐलान

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित मशहूर बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक 10 साल की बच्ची भी शामिल है। वहीं करीब 40 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि हमले को अंजाम देने वाले कथित हमलावर पिता और बेटा थे। इनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इस घटना को “शुद्ध बुराई, यहूदी विरोधी नफरत और ऑस्ट्रेलिया की धरती पर आतंकवाद” करार दिया। यह हमला पिछले 29 सालों में ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी मास शूटिंग माना जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, हमलावरों की पहचान 50 वर्षीय साजिद अकरम और उनके 24 वर्षीय बेटे नावीद अकरम के रूप में हुई है। साजिद अकरम को पुलिस ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं नावीद अकरम गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे पुलिस पहरे में अस्पताल ले जाया गया। न्यू साउथ वेल्स पुलिस कमिश्नर मैल लैन्यन ने कहा कि अगर युवक की हालत सुधरती है तो उस पर आपराधिक मुकदमे चलाए जाएंगे।

इस हमले के बाद राज्य के प्रीमियर क्रिस मिंस ने बंदूक कानूनों में बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे हथियारों पर सख्ती करना चाहती है जिनका समाज में कोई व्यावहारिक उपयोग नहीं है। मिंस ने सवाल उठाया, “अगर आप किसान नहीं हैं या कृषि से जुड़े नहीं हैं, तो ऐसे खतरनाक हथियारों की आखिर जरूरत क्यों है, जो आम लोगों की जान खतरे में डालें?”

पुलिस कमिश्नर लैन्यन ने बताया कि साजिद अकरम के पास रिक्रिएशनल हंटिंग लाइसेंस था और वह कानून के तहत कैटेगरी A/B लाइसेंस धारक था। इसके तहत वह छह लंबी बंदूकें रख सकता था, जिनमें से कुछ का इस्तेमाल कथित तौर पर इस हमले में किया गया। वह एक गन क्लब का सदस्य भी था और करीब 10 साल से उसके पास हथियार लाइसेंस था।

पुलिस के अनुसार, हमले में 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ा। मरने वालों की उम्र 10 साल से लेकर 87 साल के बीच है। मृतकों में एक 40 वर्षीय पुरुष भी शामिल है। घायल बच्चों में से चार को सिडनी चिल्ड्रन हॉस्पिटल ले जाया गया था।

प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने कहा कि बॉन्डी बीच खुशियों और जश्न का प्रतीक रहा है, लेकिन अब यह जगह इस दर्दनाक घटना से हमेशा के लिए दागदार हो गई है। उन्होंने कहा कि यह हमला जानबूझकर यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया, और वह भी हनुक्का के पहले दिन, जो खुशी का त्योहार होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऑस्ट्रेलिया सरकार यहूदी विरोधी नफरत को खत्म करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।

प्रीमियर मिंस ने लोगों से शोक की इस घड़ी में संयम बरतने की अपील की और मदद के तौर पर रक्तदान करने का आग्रह किया। बॉन्डी पैविलियन के पीछे एक स्मृति स्थल बनाया गया है, जहां लोग फूल अर्पित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि रक्तदान को लेकर रिकॉर्ड संख्या में पूछताछ हुई है।

पुलिस ने साफ किया कि वे किसी तीसरे हमलावर की तलाश नहीं कर रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि घटनास्थल पर दो साधारण विस्फोटक उपकरण मिले थे, जिन्हें सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया।

सोमवार को बॉन्डी बीच और आसपास के इलाकों को बंद कर दिया गया ताकि जॉइंट काउंटर टेररिज्म टीम जांच कर सके। इसके बावजूद सुबह कुछ लोग समुद्र तट पर चलते और तैरते दिखे। हमले के दौरान भागते लोगों के छोड़े गए सामान—बैग, हेलमेट, चप्पलें और खाने के डिब्बे—सड़कों पर बिखरे पड़े थे।

इस हमले में कई बहादुरी की कहानियां भी सामने आईं। एक आम नागरिक ने एक हमलावर से बंदूक छीनने की कोशिश की। एनएसडब्ल्यू एंबुलेंस और पुलिसकर्मियों ने गोलीबारी के बीच घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों का कहना है कि समय पर कार्रवाई से कई जानें बचाई जा सकीं।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

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