नई दिल्ली: क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के ‘राजा’ कहे जाने वाले बिटकॉइन (Bitcoin) ने एक बार फिर निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही बिटकॉइन $90,000 (करीब 81.7 लाख रुपये) के अहम स्तर पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक ठहराव है या किसी बड़े तूफान से पहले की शांति?
$90,000 के पास Bitcoin का कड़ा मुकाबला
पिछले कुछ दिनों से बिटकॉइन $90,000 से $94,000 के बीच झूल रहा है। हाल ही में इसने $94,295 के स्तर को छूने की कोशिश की थी, लेकिन वहां से इसे तगड़ा रिजेक्शन मिला। बाजार के जानकारों का मानना है कि बिटकॉइन इस समय एक ‘मेक-ऑर-ब्रेक’ वाली स्थिति में है। अगर यह $90,000 के सपोर्ट को मजबूती से थामे रखता है, तो बहुत जल्द हमें $1,00,000 का ऐतिहासिक आंकड़ा देखने को मिल सकता है।
क्या हैं एक्सपर्ट्स के अगले टारगेट?
मशहूर मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, बिटकॉइन के लिए अगला बड़ा पड़ाव $95,000 है।
बुलिश सिनेरियो ($1,00,000+): अगर खरीदारी का दबाव बढ़ता है और बिटकॉइन $95,000 के ऊपर टिक जाता है, तो अगला टारगेट $1,05,000 से $1,10,000 के बीच हो सकता है। संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की बढ़ती दिलचस्पी इस रैली को और हवा दे सकती है।
बेयरिश सिनेरियो ($75,000): वहीं दूसरी ओर, अगर बिटकॉइन $90,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ता है, तो यह सीधे $87,500 और फिर $85,000 तक फिसल सकता है। कुछ एक्सपर्ट्स तो यहाँ तक चेतावनी दे रहे हैं कि अगर मार्केट में पैनिक सेलिंग हुई, तो दाम $75,000 तक भी गिर सकते हैं।
इन 3 वजहों से बदल रही है चाल
अमेरिकी डॉलर की मजबूती: हालिया आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अक्सर बिटकॉइन जैसी जोखिम भरी संपत्तियों (Risk Assets) में दबाव देखा जाता है।
फेडरल रिजर्व का रुख: साल 2026 की पहली तिमाही में ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ‘न्यूट्रल’ रवैया निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर रहा है।
ETF का प्रभाव: बिटकॉइन ईटीएफ (ETF) में लगातार आ रहा निवेश बाजार को स्थिरता दे रहा है। हाल ही में एक ही दिन में करीब 471 मिलियन डॉलर का निवेश देखा गया, जो मार्केट के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
फिलहाल ‘फियर एंड ग्रीड इंडेक्स’ (Fear & Greed Index) 41 के आसपास है, जो बाजार में ‘डर’ (Fear) का संकेत दे रहा है। ऐसे में छोटे निवेशकों को जल्दबाजी में बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। तकनीकी चार्ट्स इशारा कर रहे हैं कि जब तक बिटकॉइन $95,000 के ऊपर बंद नहीं होता, तब तक इसमें बड़ी तेजी की उम्मीद करना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है।
कुल मिलाकर, क्रिप्टो जगत की निगाहें फिलहाल $90,000 के स्तर पर टिकी हैं। क्या बिटकॉइन यहाँ से छलांग लगाकर नया रिकॉर्ड बनाएगा या एक बार फिर निवेशकों को इंतज़ार करवाएगा, यह अगले कुछ दिनों की ट्रेडिंग से साफ हो जाएगा।
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