पटना। बिहार के युवाओं के लिए अब अपना बिजनेस शुरू करना और भी आसान होने वाला है। राज्य की नीतीश सरकार बिहार को स्टार्टअप्स का नया हब बनाने की तैयारी में जुट गई है। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ कर दिया है कि राज्य में नए व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा, जैसा देश के बड़े महानगरों में मिलता है।
उद्योग मंत्री ने की हाई-लेवल मीटिंग
बुधवार को पटना में एक अहम समीक्षा बैठक हुई, जिसमें उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विभाग के आला अधिकारियों के साथ स्टार्टअप्स की प्रगति पर चर्चा की। इस बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार और उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्टार्टअप्स के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को दूर किया जाए।
अब तक 90 होनहारों का हुआ चयन
बैठक के दौरान सामने आया कि बिहार में चल रहे 22 इन्क्यूबेशन सेंटर्स के जरिए अब तक 90 प्रतिभाशाली स्टार्टअप्स का चुनाव किया जा चुका है। ये स्टार्टअप्स अलग-अलग क्षेत्रों में नए आइडिया पर काम कर रहे हैं। इन सेंटर्स ने हजारों मेंटरशिप सेशन आयोजित किए हैं, जिसमें बिहार कृषि विश्वविद्यालय (सबौर), IIT, CIMP और एमिटी पटना जैसे बड़े संस्थानों ने अहम भूमिका निभाई है।
300 से ज्यादा एक्सपर्ट्स दे रहे हैं ट्रेनिंग
बिहार के युवाओं को राह दिखाने के लिए वर्तमान में 300 से अधिक मेंटर्स (मार्गदर्शक) इन सेंटर्स से जुड़े हुए हैं। ये एक्सपर्ट्स नए उद्यमियों को तकनीकी सलाह, मैनेजमेंट के गुर और बाजार में अपना प्रोडक्ट कैसे बेचें, इसकी पूरी जानकारी दे रहे हैं। मंत्री ने कहा कि इस इकोसिस्टम को इतना मजबूत बनाया जाए कि किसी भी युवा को सही सलाह के लिए भटकना न पड़े।
दूसरे राज्यों से सीखेंगे सफलता के मंत्र
बिहार के स्टार्टअप्स को देश के टॉप लेवल पर ले जाने के लिए मंत्री ने एक खास योजना बनाई है। उन्होंने निर्देश दिया कि:
देश के जिन राज्यों में स्टार्टअप्स सबसे अच्छा कर रहे हैं, उनका तुलनात्मक अध्ययन किया जाए।
वहां की बेस्ट प्रैक्टिसेज (काम करने के तरीकों) पर एक डिटेल रिपोर्ट तैयार की जाए।
बिहार के इन्क्यूबेशन सेंटर्स के प्रतिनिधि देश के दिग्गज सेंटर्स का दौरा करेंगे और वहां की खूबियों को बिहार में लागू करेंगे।
पैसे की नहीं होगी कमी: सरकार देगी पूरा साथ
डॉ. जायसवाल ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि नवाचार (Innovation) और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार हर तरह की मदद करेगी। चाहे वो फंड (आर्थिक सहायता) हो या ऑफिस के लिए बुनियादी ढांचा, तकनीक या ट्रेनिंग—उद्योग विभाग हर कदम पर उद्यमियों के साथ खड़ा है। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के युवा ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनें।
इस नई पहल से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में बिहार से भी बड़े स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न कंपनियां निकलेंगी, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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