पहले चरण में बिहार विधानसभा चुनावों ने इतिहास रच दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के मुताबिक फाइनल वोटर टर्नआउट 65.08% रहा—यह राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। शुरुआती अनुमान 64.66% था, जो बाद में 0.42% बढ़कर फाइनल हुआ। कुल 3.75 करोड़ मतदाता पात्र थे, जिनमें 1.98 करोड़ पुरुष और 1.76 करोड़ महिलाएं शामिल रहीं। 45,341 पोलिंग स्टेशनों पर महिलाओं की उपस्थिति खास तौर पर काफी मजबूत दिखी।
आंकड़ों की तुलना करें तो 2025 के इस चरण में 2020 के विधानसभा चुनाव (57.29%) की तुलना में 7.79 प्रतिशत अंक अधिक मतदान हुआ। 2024 के लोकसभा चुनाव (56.28%) के मुकाबले भी 8.8 प्रतिशत अंक की बढ़त दर्ज हुई। 65.08% के साथ 2025 का ये रिकॉर्ड 1998 की विधानसभा वोटिंग (64.6%) को भी पीछे छोड़ गया।
सियासी जमीन पर गरमाहट: राघोपुर से महुआ तक
पहले चरण में कई हॉट सीट्स पर नज़रें टिकी रहीं। राघोपुर, तेजस्वी यादव का गढ़, चर्चा में रहा। महुआ सीट पर उनके भाई तेजप्रताप यादव अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के साथ मैदान में थे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तरापुर से दांव खेला, जबकि डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से चुनाव मैदान में हैं।
अलीनगर में गायिका मैथिली ठाकुर ने राजनीति में एंट्री की, तो मोकामा में जेडीयू के अनंत सिंह की टक्कर आरजेडी की वीणा देवी से रही—यह सीट एक हत्या मामले के बीच सुर्खियों में रही।
सीतामढ़ी में स्थानीय मुद्दों—खासकर रोज़गार और गवर्नेंस को लेकर नाराज़गी की चर्चा के बीच आरजेडी के “ग्राउंड” मजबूत होने की बातें भी सुनाई दीं।
नेताओं की प्रतिक्रियाएँ: ‘65 वोल्ट का झटका’ से ‘सबसे विकसित राज्यों में बिहार’
सीतामढ़ी की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े टर्नआउट को आरजेडी पर निशाने के रूप में पेश करते हुए कहा—पहले चरण का 65% से अधिक वोट “जंगल राज को 65-वोल्ट का झटका” है। इससे पहले उन्होंने अधिक मतदान को “नरेंद्र और नीतीश के ट्रैक रिकॉर्ड” में जनता के भरोसे का संकेत भी बताया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड मतदान के लिए मतदाताओं को बधाई दी और X पर लिखा—“अब समय है कि बिहार को सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में रखा जाए।”
इधर महागठबंधन (MGB) के डिप्टी सीएम मुकेश सहनी ने बढ़े हुए वोट प्रतिशत की वजहों में SIR का ज़िक्र किया और दावा किया कि मतदान पैटर्न पहले जैसा ही है। उनके मुताबिक, “प्रत्येक सीट पर कम से कम 20 हजार वोट कटने का असर जोड़ कर देखिए, तब क्या प्रतिशत सच में बढ़ा है? एनडीए कुछ दिन आतिशबाज़ी कर ले।”
शेड्यूल: दूसरे चरण 11 नवंबर, काउंटिंग 14 नवंबर
पहला चरण 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 सीटों पर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा—20 जिलों की 122 सीटें वोटिंग में जाएंगी। इसमें औरंगाबाद, जहानाबाद, गया, नवादा, जमुई, भागलपुर, पूर्णिया समेत कई ज़िले शामिल हैं। मतगणना 14 नवंबर को होगी और इसके बाद बिहार चुनाव 2025 की तस्वीर साफ हो जाएगी।
उच्च भागीदारी ने यह संकेत ज़रूर दिया है कि मतदाता इस बार मुद्दों पर खुलकर बोल रहे हैं—चाहे वह रोज़गार हो, शासन-प्रशासन की सख्ती हो या स्थानीय समीकरण। अब नज़र अगले चरण और ईवीएम से निकलने वाले नतीजों पर है, जो तय करेंगे कि रिकॉर्ड मतदान किसकी राजनीतिक कमाई में तब्दील होता है।
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