किस्मत बदल देगी गले में पहनी तुलसी की माला! सोने और चांदी में जड़वाकर पहनने से मिलते हैं ये 5 बड़े चमत्कार

किस्मत बदल देगी गले में पहनी तुलसी की माला! सोने और चांदी में जड़वाकर पहनने से मिलते हैं ये 5 बड़े चमत्कार

Tulsi Mala Benefits: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना गया है। घर के आंगन में तुलसी का होना शुभता का प्रतीक होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गले में तुलसी की माला धारण करना न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से, बल्कि सेहत और मानसिक शांति के लिए भी एक वरदान की तरह है? आजकल लोग तुलसी की माला को सोने (Gold) और चांदी (Silver) के साथ जड़वाकर पहनना काफी पसंद कर रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर क्यों यह माला इतनी खास है और इसे पहनने के क्या फायदे हैं।

आध्यात्मिक महत्व और भगवान विष्णु की कृपा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं। जो व्यक्ति तुलसी की माला धारण करता है, उस पर श्री हरि और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है। अक्सर लोग इसे ‘कंठ माला’ भी कहते हैं। कहा जाता है कि इसे धारण करने वाले व्यक्ति की अकाल मृत्यु नहीं होती और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। सोने और चांदी के मेल से इसकी पवित्रता और ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है।

मन को मिलती है गजब की शांति

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव (Stress) एक आम समस्या बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि तुलसी में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो मन को शांत रखने में मदद करते हैं। तुलसी की माला पहनने से व्यक्ति का ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और मानसिक एकाग्रता (Concentration) बढ़ती है। यदि आप भी काम के बोझ से परेशान रहते हैं, तो चांदी में जड़ी तुलसी की माला पहनना आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि चांदी शीतलता प्रदान करती है।

सेहत के लिए भी है रामबाण

तुलसी को ‘क्वीन ऑफ हर्ब्स’ कहा जाता है। गले में इसे पहनने से यह शरीर के संपर्क में रहती है, जिससे त्वचा संबंधी रोगों में लाभ मिलता है। यह शरीर की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक मानी जाती है। विज्ञान की नजर से देखें तो तुलसी की लकड़ी से निकलने वाले विद्युत तरंगें शरीर के नर्वस सिस्टम को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं।

सोने और चांदी की तुलसी माला का बढ़ता क्रेज

आजकल ज्वेलरी के तौर पर भी तुलसी की माला का चलन बढ़ गया है। ‘Pure Silver Tulsi Mala’ और ‘Tulsi Mala Gold’ न केवल दिखने में खूबसूरत लगती हैं, बल्कि इनके पीछे एक गहरा तर्क भी है। चांदी चंद्रमा का कारक है जो मन को शांत रखती है, वहीं सोना गुरु (Jupiter) का प्रतीक है जो सौभाग्य और समृद्धि लाता है। जब इन धातुओं का मेल पवित्र तुलसी के साथ होता है, तो यह एक रक्षा कवच की तरह काम करती है।

धारण करने के क्या हैं नियम?

तुलसी की माला पहनने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है:

  1. माला पहनने से पहले इसे गंगाजल और पंचामृत से शुद्ध करें।

  2. इसे धारण करने के बाद सात्विक भोजन करना चाहिए (लहसुन, प्याज और मांस-मदिरा से परहेज)।

  3. एक बार माला पहनने के बाद उसे बार-बार गले से नहीं उतारना चाहिए।

  4. यदि आप जप करने वाली माला का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे गले में न पहनें; पहनने वाली माला अलग होनी चाहिए।

तुलसी की माला केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आपके व्यक्तित्व को निखारने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का एक सशक्त माध्यम है। चाहे आप शुद्ध चांदी की तुलसी माला चुनें या सोने की, इसके सकारात्मक प्रभाव आपके जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

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