बिहार का ‘मिनी केरल’ बना बेगूसराय का यह इलाका, नारियल के धंधे से चमक गई सैकड़ों लोगों की किस्मत!

begusarai-lakho-mandi-coconut-business-hub-bihar

बेगूसराय: बिहार का बेगूसराय जिला अब सिर्फ अपनी औद्योगिक पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि एक नए व्यापारिक केंद्र के रूप में भी प्रदेश के नक्शे पर उभर रहा है। जिले की ‘लाखो मंडी’ ने नारियल के कारोबार में एक ऐसी मिसाल कायम की है कि आज इसे राज्यस्तरीय हब का दर्जा मिल चुका है। कभी छोटे पैमाने पर शुरू हुआ यह व्यवसाय अब इतना बड़ा हो गया है कि इसने स्थानीय अर्थव्यवस्था की सूरत बदल दी है और सैकड़ों युवाओं को उनके घर के पास ही रोजगार मुहैया कराया है।

NH-31 के किनारे सजा नारियल का बाजार

अगर आप एनएच-31 (NH-31) से गुजर रहे हैं, तो लाखो गांव के पास आपको नारियल की कतारें और गद्दियां नजर आ जाएंगी। समय के साथ यहाँ का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। आज यहाँ सड़क किनारे करीब 10 बड़ी और प्रतिष्ठित नारियल की ‘गद्दियां’ (थोक केंद्र) मौजूद हैं, जो न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य के व्यापारियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।

सालों भर रहता है व्यापार, त्योहारों पर आती है बाढ़

स्थानीय व्यवसायी राहुल जायसवाल बताते हैं कि लाखो गांव में नारियल का कारोबार अब सीजनल नहीं रह गया है। यहाँ पाँच ऐसी स्थायी मंडियां हैं जो साल के 12 महीने नारियल की आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं। हालांकि, सावन के महीने से लेकर छठ महापर्व तक यहाँ का नजारा देखने लायक होता है। इस दौरान दर्जनों अस्थायी दुकानें और मंडियां भी खुल जाती हैं, जिससे व्यापार का टर्नओवर करोड़ों में पहुंच जाता है।

कैसे बना यह राज्यस्तरीय हब?

लाखो मंडी की सफलता के पीछे यहाँ की कनेक्टिविटी और व्यापारियों का तालमेल है। दक्षिण भारत, विशेषकर केरल और आंध्र प्रदेश से भारी मात्रा में ट्रक यहाँ पहुंचते हैं। यहाँ से नारियल बिहार के अलग-अलग जिलों जैसे खगड़िया, समस्तीपुर, मुंगेर और सहरसा तक भेजे जाते हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह व्यापार किसी वरदान से कम नहीं है। लोडिंग, अनलोडिंग, छंटाई और परिवहन जैसे कामों में सैंकड़ों स्थानीय मजदूरों और युवाओं को सीधा रोजगार मिला है।

अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती

इस मंडी के विस्तार से स्थानीय प्रशासन और व्यापारियों में भी उत्साह है। जानकारों का मानना है कि अगर यहाँ कोल्ड स्टोरेज और बेहतर शेड की व्यवस्था की जाए, तो यह उत्तर भारत की सबसे बड़ी नारियल मंडियों में से एक बन सकती है। फिलहाल, लाखो मंडी ने यह साबित कर दिया है कि सही दिशा में किया गया प्रयास किसी भी छोटे क्षेत्र को व्यापारिक हब बना सकता है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • दिव्यांशु शोध-लेखन के प्रति बेहद जुनूनी हैं।
    फिलहाल वे BigNews18.in पर हिंदी न्यूज़ लिखते हैं, जहां वे हर खबर को तेज़ी, सटीकता और संदर्भ के साथ पेश करते हैं।
    जटिल सूचनाओं को सरल, प्रभावी भाषा में बदलना उनकी खासियत है।

    View all posts
Exit mobile version