ढाका: पड़ोसी देश बांग्लादेश में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। तख्तापलट के बाद से शुरू हुआ हिंसा का दौर अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। खबर है कि देश में उग्रवादियों ने ‘टारगेट किलिंग’ का खौफनाक प्लान तैयार किया है। बाकायदा एक ‘हिट लिस्ट’ बनाई गई है, जिसमें देश की 50 बड़ी हस्तियों के नाम शामिल हैं। इस लिस्ट के सामने आने के बाद राजधानी ढाका से लेकर पूरे देश में हड़कंप मच गया है।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की नींद उड़ी हुई है। आनन-फानन में सरकार ने लिस्ट में शामिल 20 प्रमुख लोगों को कड़ी सुरक्षा मुहैया कराई है।
क्या है पूरा मामला?
बांग्लादेश में पिछले कुछ समय से आगजनी, तोड़फोड़ और मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या) की खबरें आम हो गई थीं। लेकिन अब मामला और भी गंभीर हो गया है। उग्रवादी संगठनों ने अब चुन-चुनकर लोगों को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि कई बड़े चेहरों की जान को खतरा है।
सरकार ने खतरे को भांपते हुए प्रभावित लोगों के घर और उनके साथ हथियारबंद गनमैन तैनात कर दिए हैं। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि क्या सिर्फ 20 लोगों को सुरक्षा देने से यह बड़ा खतरा टल जाएगा?
खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर, जांच जारी
इस हिट लिस्ट की जानकारी मिलते ही बांग्लादेश की तीन सबसे बड़ी खुफिया एजेंसियां— DGFI (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फोर्सेज इंटेलिजेंस), NSI (नेशनल सिक्योरिटी इंटेलिजेंस) और स्पेशल ब्रांच पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। ये एजेंसियां रात-दिन एक करके इस लिस्ट की सच्चाई और इसे बनाने वाले चेहरों का पता लगा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस लिस्ट में सबसे ज्यादा खतरा ‘गोनो अधिकार परिषद’ से जुड़े नेताओं और सदस्यों को बताया जा रहा है। सबसे पहले पत्रकारों ने ही इस लिस्ट का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद सरकार एक्शन मोड में आई।
कुछ लोगों ने ठुकराई सुरक्षा
हैरानी की बात यह है कि जहां एक तरफ दहशत का माहौल है, वहीं लिस्ट में शामिल कुछ लोगों ने सरकारी सुरक्षा लेने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने इसके पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि भले ही इन लोगों ने गनमैन लेने से मना कर दिया हो, लेकिन उन पर गुप्त रूप से नजर रखी जा रही है ताकि कोई अनहोनी न हो।
यूनुस सरकार के सामने बड़ी चुनौती
बांग्लादेश में फिलहाल कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलोचकों का कहना है कि यूनुस सरकार के हाथ से नियंत्रण निकलता जा रहा है। उग्रवादी अब खुलेआम लिस्ट बनाकर धमकियां दे रहे हैं। अगर समय रहते इन तत्वों पर लगाम नहीं कसी गई, तो देश में टारगेट किलिंग का एक नया और खूनी अध्याय शुरू हो सकता है।
फिलहाल, पूरा ढाका छावनी में तब्दील नजर आ रहा है और उन 50 नामों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है, जिनकी जान पर तलवार लटक रही है।
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