ढाका: पड़ोसी देश बांग्लादेश में इस वक्त अफरा-तफरी का माहौल है। वहां की पुलिस ने ‘ऑपरेशन डेविल हंट फेज-2’ (Operation Devil Hunt Phase-2) के तहत एक ऐसी कार्रवाई की है जिसने सबको चौंका दिया है। पिछले महज 24 घंटों के भीतर देश भर से 663 लोगों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया है। अगर आंकड़ों की गणित समझें, तो पुलिस ने हर दो मिनट में एक शख्स को गिरफ्तार किया है।
फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों से पहले अंतरिम सरकार की इस सख्ती ने वहां की राजनीति में भूचाल ला दिया है। जहां सरकार इसे कानून-व्यवस्था सुधारने की कवायद बता रही है, वहीं विपक्ष इसे ‘राजनीतिक नरसंहार’ करार दे रहा है।
सड़कों पर नाकेबंदी और भारी बरामदगी
बांग्लादेश पुलिस मुख्यालय के असिस्टेंट इंस्पेक्टर-जनरल (मीडिया) एएचएम शहादत हुसैन ने पुष्टि की है कि इस ऑपरेशन के दौरान न सिर्फ गिरफ्तारियां हुई हैं, बल्कि भारी मात्रा में अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने एक ही दिन में करीब 26,881 मोटरसाइकिलों और 26,573 गाड़ियों की सघन तलाशी ली। इस दौरान 342 अवैध बाइक जब्त की गईं और 9 घातक हथियार भी पुलिस के हाथ लगे।
बता दें कि यह इस ऑपरेशन का दूसरा फेज है। इससे पहले भी पुलिस करीब 4,232 लोगों को हिरासत में ले चुकी है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने 13 दिसंबर को इस अभियान के दूसरे चरण को हरी झंडी दिखाई थी।
क्यों खौफ का नाम बना ‘ऑपरेशन डेविल हंट’?
सवाल उठता है कि आखिर अचानक इतनी बड़ी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी? सरकार का तर्क है कि फरवरी 2026 के चुनावों से पहले देश में अशांति फैलाने और तोड़-फोड़ करने वाली ताकतों को रोकना जरूरी है। गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद साफ किया कि अवैध हथियारों को जब्त करना उनकी प्राथमिकता है।
दरअसल, इस ऑपरेशन की नींव 7 फरवरी को पड़ी थी, जब पूर्व मंत्री एकेएम मोजम्मेल हक के घर पर छात्रों पर हमला हुआ था। हाल ही में ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी पर हुए हमले के बाद सरकार ने कार्रवाई की रफ्तार और तेज कर दी है।
20 दिनों में 11 हजार से ज्यादा जेल में
मानवाधिकार संगठनों के आंकड़े और भी डरावनी तस्वीर पेश कर रहे हैं। ‘मंधाका संस्कृति फाउंडेशन’ (MSF) के हवाले से बताया गया है कि 8 फरवरी से 28 फरवरी के बीच ही 11,313 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। खास बात यह है कि गिरफ्तार होने वालों में ज्यादातर लोग पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी ‘अवामी लीग’ से जुड़े कार्यकर्ता और नेता हैं।
राजनीतिक बदले का आरोप या अराजकता?
यूनुस सरकार की इस कार्रवाई पर अवामी लीग ने तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि सरकार चुनाव से पहले विपक्ष को खत्म करने की साजिश रच रही है। अवामी लीग के नेताओं का कहना है कि जेलों में उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ हत्या की साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से अंतरिम सरकार ने सत्ता संभाली है, देश में रेप, चोरी, लूटपाट और हत्या की घटनाएं कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं।
फिलहाल, बांग्लादेश की गलियों में पुलिस का पहरा है और जेलें ठसाठस भरी हुई हैं। अब देखना यह है कि ‘डेविल हंट’ का यह एक्शन चुनाव तक शांति लाता है या फिर देश को और बड़े गृहयुद्ध की ओर धकेलता है।
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