मुंबई: क्या आपने कभी किसी खिलाड़ी को हवा में तैरते देखा है? अगर नहीं, तो वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में अक्षर पटेल की फील्डिंग देख लीजिए। कागजों पर भले ही विल जैक्स का विकेट अर्शदीप सिंह के खाते में और कैच शिवम दुबे के नाम दर्ज हो, लेकिन हकीकत में वह अक्षर पटेल का ‘जादू’ था जिसने मैच का रुख मोड़ दिया।
स्कोरकार्ड में नहीं, फैंस के दिलों में दर्ज हुआ यह ‘चमत्कार’
विल जैक्स आउट हुए, यह रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज हो गया। लेकिन जो ड्रामा मैदान पर हुआ, उसने लाखों फैंस की धड़कनें रोक दीं। इंग्लैंड की पारी के दौरान जब विल जैक्स और जैकब बेथेल के बीच 39 गेंदों में 77 रनों की तूफानी साझेदारी हो रही थी, तब भारत को एक बड़े ब्रेकथ्रू की जरूरत थी।
तभी अक्षर पटेल ने अपनी बायीं ओर लंबी दौड़ लगाई, दोनों हाथ फैलाए और गिरते-पड़ते गेंद को बाउंड्री के अंदर धकेल दिया। वहां खड़े शिवम दुबे ने इस ‘रिले कैच’ को पूरा किया। भले ही स्कोरकार्ड पर अक्षर का नाम न हो, लेकिन उनकी सूझबूझ और फुर्ती ने इस कैच को टी20 इतिहास के सबसे यादगार फील्डिंग प्रयासों में शामिल कर दिया।
हैरी ब्रुक का वो ‘मुश्किल’ शिकार
अक्षर का जलवा यहीं नहीं रुका। इससे पहले उन्होंने हैरी ब्रुक का भी एक अविश्वसनीय कैच लपका था। कवर के ऊपर से मारने की कोशिश में ब्रुक ने गेंद हवा में उछाली थी। अक्षर ने सर्कल के अंदर से पीछे की ओर दौड़ लगाई और फुल डाइव मारते हुए गेंद को मुट्ठी में कैद कर लिया।
मैच के बाद अक्षर ने मुस्कुराते हुए कहा, “मेरे लिए हैरी ब्रुक वाला कैच ज्यादा मुश्किल था क्योंकि गेंद मेरे पीछे थी। लेकिन गेम के लिहाज से विल जैक्स का कैच ज्यादा जरूरी था क्योंकि उनकी पार्टनरशिप खतरनाक होती जा रही थी।”
2023 का दर्द और 2026 की उम्मीद
भारत ने यह हाई-स्कोरिंग मैच महज 7 रनों से जीता। जहां 499 रन बने हों, वहां ये छोटे-छोटे प्रयास ही जीत-हार का अंतर तय करते हैं। अब टीम इंडिया का सामना रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड से होगा। यह अक्षर पटेल के लिए घर वापसी जैसा है।
2023 वनडे वर्ल्ड कप की यादें आज भी भारतीय फैंस को चुभती हैं, जब टीम इंडिया फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। अक्षर उस समय चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर थे और अपने होम ग्राउंड अहमदाबाद में खेलने का मौका चूक गए थे। लेकिन इस बार किस्मत ने उन्हें दूसरा मौका दिया है।
अक्षर ने मजाकिया लहजे में कहा, “शायद मैं इसीलिए पिछले दो मैच नहीं खेला ताकि फाइनल के लिए बचा रहूं (हंसते हुए)। अपने परिवार के सामने होम ग्राउंड पर वर्ल्ड कप फाइनल खेलना गर्व की बात है। मेरा बेटा भी स्टैंड्स से मुझे खेलते देखेगा।”
अहमदाबाद में इतिहास रचने की तैयारी
8 मार्च को अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम एक नए इतिहास का गवाह बनेगा। अक्षर पटेल, जिन्हें वहां के फैंस अपना हीरो मानते हैं, 2023 की कड़वी यादों को मिटाने के लिए बेताब हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “पिछली बार शायद होम ग्राउंड का खिलाड़ी (मैं) नहीं खेल रहा था, इसलिए नतीजा अलग रहा।”
अब पूरा देश उम्मीद कर रहा है कि ‘सुपरमैन’ अक्षर का यह जज्बा फाइनल में भी बरकरार रहे और भारत एक बार फिर विश्व विजेता बने।
