aइस्लामाबाद कार ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ एक बार फिर चर्चा में हैं। धमाके की जिम्मेदारी जहां पाकिस्तानी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली है, वहीं आसिफ ने इसके पीछे अफगानिस्तान का हाथ बताया। पत्रकारों के सामने दिए गए उनके बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, जहां लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।
ख्वाजा आसिफ ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अफगानिस्तान से आ रही गतिविधियां हमारे देश के लिए खतरा हैं। इस्लामाबाद में हुआ कार ब्लास्ट भी उन्हीं की साजिश का नतीजा है।” लेकिन जैसे ही एक पत्रकार ने उन्हें बताया कि इस धमाके की जिम्मेदारी तो TTP ने खुद ली है, आसिफ का चेहरा पलभर में बदल गया।
पत्रकार के सवाल पर रह गए सन्न
पत्रकार ने कहा, “सर, इस धमाके की जिम्मेदारी TTP ने ले ली है।” इस पर ख्वाजा आसिफ ने हैरानी से पूछा, “क्या उन्होंने इसे स्वीकार किया है? उन्होंने आधिकारिक रूप से किया है क्या?” उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यूजर्स ने आसिफ को घेरते हुए सवाल उठाया कि पाकिस्तान का रक्षा मंत्री अगर आतंकी हमलों की जानकारी पत्रकारों से ले रहा है, तो देश की सुरक्षा किसके हाथ में है? एक यूजर ने लिखा, “ये पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर हैं या फिर न्यूज एंकर? इन्हें तो देश के बड़े आतंकी हमलों के बारे में भी मीडिया से पता चलता है।”
धमाके से दहला इस्लामाबाद
इस्लामाबाद में हुआ यह कार ब्लास्ट इतना जोरदार था कि आसपास की कई गाड़ियों और इमारतों के शीशे तक टूट गए। धमाके में कई लोगों के घायल होने की खबर है, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। TTP ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह “सरकार की गलत नीतियों” के खिलाफ की गई कार्रवाई थी।
आसिफ का बयान बना विवाद का कारण
आसिफ का यह बयान न केवल पाकिस्तान में बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी सुर्खियों में है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान लंबे समय से TTP से निपटने में असफल रहा है और अब वह अफगानिस्तान पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहा है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के कई आतंकी गुट अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में सक्रिय हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
सोशल मीडिया पर बढ़ी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लोगों ने आसिफ के बयान को लेकर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ ला दी है। एक यूजर ने लिखा, “आसिफ साहब को पहले खुद अपडेट रहना चाहिए, फिर बयान देना चाहिए।”
दूसरे ने तंज कसते हुए कहा, “अब शायद पाकिस्तान में रक्षा मंत्रालय की ब्रीफिंग न्यूज चैनलों से ही होती है।”
विश्लेषकों की राय
पाकिस्तानी राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सरकार आतंकी घटनाओं की जिम्मेदारी बाहरी ताकतों पर डालकर जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाने की कोशिश कर रही है।
कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि TTP पिछले एक साल में पाकिस्तान के भीतर 40 से ज्यादा हमले कर चुकी है। इसके बावजूद सरकार ने अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
ख्वाजा आसिफ का यह बयान पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जहां एक ओर आतंकवादी संगठन खुलकर जिम्मेदारी ले रहे हैं, वहीं देश के रक्षा मंत्री को इस बात की जानकारी तक नहीं थी। यह घटना पाकिस्तान की खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही है।
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