नई दिल्ली: शेयर बाजार की उठापटक के बीच अगर आप अपने निवेश को लेकर फिक्रमंद हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही भारतीय निवेशकों का भरोसा ‘एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स’ (Aggressive Hybrid Funds) पर तेजी से बढ़ा है। बाजार में चल रही अस्थिरता के बावजूद इस कैटेगरी ने न केवल निवेशकों के पोर्टफोलियो को संभाला है, बल्कि शानदार रिटर्न देकर सबको चौंका दिया है।
हालिया आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 तक इस सेक्टर का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2.5 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। आखिर क्या है इसकी वजह? क्या वाकई इसमें पैसा लगाना सुरक्षित है? आइए विस्तार से समझते हैं।
क्या हैं एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स?
सरल भाषा में कहें तो ये म्यूचुअल फंड की वो स्कीम हैं जो आपके पैसे को दो जगहों पर निवेश करती हैं—इक्विटी (शेयर) और डेट (बांड्स)। SEBI के नियमों के अनुसार, ये फंड अपने कुल पैसे का 65% से 80% हिस्सा शेयरों में लगाते हैं, जबकि बाकी 20% से 35% हिस्सा डेट इंस्ट्रूमेंट्स में रखते हैं। शेयरों वाला हिस्सा आपको जबरदस्त मुनाफा (Growth) दिलाने में मदद करता है, वहीं डेट वाला हिस्सा बाजार गिरने पर आपके पैसे को सुरक्षा (Stability) प्रदान करता है।
SEBI 2026 के नए नियम: निवेशकों को होगा बड़ा फायदा
दिसंबर 2025 में सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड रेगुलेशन 2026 को मंजूरी दी है, जो अब लागू हो चुके हैं। इसके तहत अब ‘बेस एक्सपेंस रेशियो’ (BER) का नया ढांचा पेश किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि अब फंड हाउसेस को अपनी फीस और अन्य खर्चों को लेकर और भी पारदर्शी होना होगा। नए नियमों से निवेशकों के लिए फंड मैनेजमेंट की लागत कम होने की उम्मीद है, जिससे आपका शुद्ध मुनाफा यानी ‘नेट रिटर्न’ बढ़ जाएगा।
टॉप परफॉर्मिंग फंड्स: कहाँ मिला सबसे ज्यादा रिटर्न?
पिछले 3 से 5 सालों में कुछ फंड्स ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार:
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ICICI Prudential Equity & Debt Fund: इसने 5 साल में करीब 21-22% का शानदार रिटर्न दिया है।
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Quant Aggressive Hybrid Fund: अपने एग्रेसिव रुख के लिए मशहूर इस फंड ने भी निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कराया है।
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HDFC Hybrid Equity Fund: बड़े एसेट बेस के साथ यह फंड स्थिरता और ग्रोथ का बेहतरीन मिश्रण पेश कर रहा है।
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Kotak & SBI Equity Hybrid: ये फंड्स भी अपनी कंसिस्टेंसी के लिए निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं।
टैक्सेशन और रिस्क: निवेश से पहले ये जरूर जानें
इन फंड्स को टैक्स के नजरिए से ‘इक्विटी फंड’ माना जाता है। अगर आप एक साल के बाद पैसा निकालते हैं, तो 1.25 लाख रुपये से ऊपर के मुनाफे पर आपको 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स देना होगा। वहीं एक साल से पहले पैसे निकालने पर 20% शॉर्ट टर्म टैक्स (STCG) लागू होगा।
एक्सपर्ट की राय: बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग सीधे शेयर बाजार में उतरने से डरते हैं या पहली बार निवेश कर रहे हैं, उनके लिए एग्रेसिव हाइब्रिड फंड सबसे बेहतरीन विकल्प है। यह आपको शेयर बाजार की तेजी का फायदा भी देता है और गिरावट में आपके नुकसान को कम करने की कोशिश भी करता है।
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