कीव/फ्लोरिडा: एक तरफ दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के होने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की हाथ मिला रहे थे, चेहरे पर मुस्कान थी और चर्चा ‘शांति’ की हो रही थी। लेकिन दूसरी तरफ, रूस के इरादे कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे। जिस वक्त फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में युद्ध खत्म करने की बिसात बिछाई जा रही थी, ठीक उसी वक्त पुतिन की सेना यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को मलबे में तब्दील कर रही थी।
रातभर बरसते रहे गोले, मलबे में तब्दील हुए घर
यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र से आई खबरें दिल दहला देने वाली हैं। डोनेट्स्क क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन ने टेलीग्राम पर जानकारी दी है कि रूसी सेना ने रातभर में कम से कम सात भीषण गोलाबारी हमले किए। इन हमलों का मकसद सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना नहीं था, बल्कि रिहायशी बस्तियों में तबाही मचाना था।
प्रशासन के मुताबिक, इन हमलों में एक मासूम नागरिक की जान चली गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पोक्रोव्स्क जिले के शाखिवस्का में मंजर ऐसा था कि देखने वालों की रूह कांप जाए। यहां पांच घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। कुचेरेव यार और ग्रुजकी जैसे इलाकों में अब सिर्फ ईंटों का ढेर बचा है।
स्लोवियांस्क और मायकोलाइव में तबाही का मंजर
हमलों की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्लोवियांस्क में दो निजी घर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 42 अन्य घरों और चार गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा है। क्रामाटोर्स्क और बखमुत जैसे इलाकों में भी स्थिति नाजुक बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए फ्रंटलाइन वाले इलाकों से 108 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें 18 बच्चे भी शामिल हैं।
फ्लोरिडा में ट्रंप की ‘शांति’ वाली मैराथन बैठक
यह सब उस वक्त हो रहा था जब अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो एस्टेट में जेलेंस्की की मेजबानी कर रहे थे। बैठक में 20 सूत्रीय शांति ढांचे और सुरक्षा गारंटी पर लंबी चर्चा हुई। ट्रंप का दावा है कि वह इस युद्ध को रोकने के ‘बेहद करीब’ पहुंच चुके हैं।
जेलेंस्की से मिलने से ठीक पहले ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी करीब दो घंटे तक फोन पर बात की थी। ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे पास शांति के लिए कोई डेडलाइन नहीं है, मेरा लक्ष्य सिर्फ युद्ध को खत्म करना है। हमने बहुत प्रगति की है और मुझे लगता है कि हम एक समाधान के बेहद करीब हैं।”
क्या पुतिन मानेंगे ट्रंप की बात?
ट्रंप भले ही इस युद्ध को ‘द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे घातक युद्ध’ बताकर इसे खत्म करने का दावा कर रहे हों, लेकिन जमीन पर हकीकत अलग है। रूस के ताजा हमले संकेत दे रहे हैं कि पुतिन फिलहाल बातचीत की मेज पर झुकने को तैयार नहीं हैं। ट्रंप का कहना है कि वह यूरोपीय नेताओं के भी संपर्क में हैं और जल्द ही कोई बड़ा समझौता दुनिया के सामने होगा।
अब देखना यह होगा कि क्या ट्रंप की ‘डिप्लोमेसी’ पुतिन के ‘मिसाइल हमलों’ को रोक पाएगी या यूक्रेन को अभी और भी भयानक रातों का सामना करना पड़ेगा।
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