नई दिल्ली: अगर आप नए साल (New Year 2026) के स्वागत के लिए बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड और प्रदूषण के बीच अब कुदरत एक नया मोड़ लेने वाली है। राजस्थान के आसमान में बन रहे एक नए मौसमी सिस्टम की वजह से दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि इस साल का अंत और अगले साल की शुरुआत यानी 31 दिसंबर और 1 जनवरी को बादलों के साये और बूंदों के बीच बीतेगी।
नए साल के जश्न में पड़ेगा खलल?
दिल्ली-एनसीआर में नए साल की पार्टियों और जश्न में बारिश ‘रंग में भंग’ डाल सकती है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। इसका सीधा असर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर पड़ेगा। 31 दिसंबर की शाम से ही आसमान में बादलों का डेरा जमना शुरू हो जाएगा और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
राजस्थान से आ रहा है ‘बारिश वाला संदेश’
मौसम विभाग जयपुर के मुताबिक, राजस्थान में एक बेहद ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो गया है। इसका असर बीकानेर और शेखावाटी इलाकों में दिखने लगा है, जहां हल्की बारिश या ‘मावठ’ शुरू हो चुकी है। अब यही सिस्टम तेजी से दिल्ली की ओर बढ़ रहा है। किसानों के लिए यह बेमौसम बरसात किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि रबी की फसलों (जैसे गेहूं और सरसों) के लिए यह पानी अमृत जैसा काम करेगा।
दिल्ली वालों को प्रदूषण से मिलेगी ‘सफाई’
पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर के लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। AQI लगातार 400 के पार यानी ‘खतरनाक’ श्रेणी में बना हुआ है। ऐसे में यह बारिश दिल्ली वालों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब बारिश होगी, तो हवा में मौजूद प्रदूषित कण (Pollutants) जमीन पर बैठ जाएंगे, जिससे एयर क्वालिटी में सुधार होगा। हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है, लेकिन फिलहाल के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है।
कड़ाके की ठंड और कोहरे का डबल अटैक
बारिश के बाद दिल्ली में मौसम और भी ज्यादा सर्द होने वाला है। जनवरी के पहले हफ्ते में कड़ाके की शीत लहर (Cold Wave) चलने की संभावना है। इसके साथ ही घना कोहरा भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगा। IMD ने चेतावनी दी है कि विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने की वजह से सड़क और हवाई यातायात पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर आप सफर करने वाले हैं, तो सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
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