Current date 21/03/2026

मुनीर के मेहमान, शहबाज को 5 मिनट! क्या पाकिस्तान में अब राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री की अहमियत खत्म?

URL copied
uae-president-visit-pakistan-asim-munir-shehbaz-sharif-asif-zardari-meeting
Share URL copied

पाकिस्तान की राजनीति और कूटनीति में इन दिनों एक ऐसी यात्रा की चर्चा है, जिसने वहां की सिविल सरकार की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान हाल ही में पाकिस्तान पहुंचे, लेकिन इस दौरे में जो कुछ हुआ, उसने इस्लामाबाद के गलियारों में खलबली मचा दी है। प्रोटोकॉल को ताक पर रखकर राष्ट्रपति जरदारी का स्वागत में न आना और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को सिर्फ ‘चंद मिनट’ देना, पाकिस्तान की सत्ता के असली केंद्र की कहानी बयां कर रहा है।

निजी दौरा या कूटनीतिक ड्रामा?

वरिष्ठ राजनयिक सूत्रों की मानें तो शेख मोहम्मद की यह यात्रा कोई आधिकारिक राजकीय यात्रा (State Visit) नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से एक निजी दौरा था। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और वहां के मीडिया के एक वर्ग ने इसे जबरन एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर पेश करने की कोशिश की।

पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने खुद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्वीकार किया कि 26 दिसंबर को UAE राष्ट्रपति अपनी ‘आधिकारिक और निजी’ यात्रा पर आए थे। मुलाकात की जगह भी कोई राष्ट्रपति भवन या पीएम आवास नहीं, बल्कि रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस था। इसी एयरबेस पर छोटी सी मुलाकात के बाद शेख मोहम्मद रहीम यार खान में शिकार के लिए निकल गए।

जरदारी गायब, शहबाज को मिला सिर्फ ‘शिष्टाचार’

राजनयिक परंपरा के अनुसार, जब भी किसी देश का राष्ट्राध्यक्ष आता है, तो उसका स्वागत खुद देश का राष्ट्रपति करता है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी इस पूरे दौरे से नदारद रहे। उन्होंने UAE राष्ट्रपति से मुलाकात तक नहीं की।

वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मुलाकात की कहानी और भी चौंकाने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, नूर खान एयरबेस पर शहबाज शरीफ और शेख मोहम्मद के बीच बातचीत सिर्फ 4 से 5 मिनट चली। इस मुलाकात में न तो किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा हुई, न ही किसी समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह सिर्फ एक औपचारिक शिष्टाचार और फोटो सेशन तक सीमित रहा।

आर्मी हाउस में 5 घंटे, आखिर पाकिस्तान में किसका पलड़ा भारी?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर UAE राष्ट्रपति ने इस्लामाबाद जाने का न्योता ठुकरा दिया, तो वे गए कहां? सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, शेख मोहम्मद ने अपनी पूरी मौजूदगी रावलपिंडी तक सीमित रखी। वे लगभग पांच घंटे तक आमी हाउस और जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में मौजूद रहे।

बताया जा रहा है कि इस यात्रा का असली मकसद सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर द्वारा आर्मी हाउस में आयोजित एक निजी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होना था। यानी, अरब के सुल्तान पाकिस्तान की चुनी हुई सरकार के नहीं, बल्कि सेना प्रमुख के मेहमान बनकर आए थे।

विदेश नीति पर सेना का शिकंजा?

भले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने निवेश, ऊर्जा और व्यापार के बड़े-बड़े दावे किए हों, लेकिन हकीकत में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। सूत्रों का कहना है कि शेख मोहम्मद और असीम मुनीर के बीच गाजा के लिए प्रस्तावित ‘इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स’ को लेकर कुछ संक्षिप्त चर्चा हुई।

यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर दुनिया के सामने यह साबित करता है कि पाकिस्तान की विदेश नीति की चाबी प्रधानमंत्री आवास में नहीं, बल्कि रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालय में है। आने वाले हफ्तों में असीम मुनीर का UAE दौरा भी प्रस्तावित है, जो इस ‘खास दोस्ती’ पर मुहर लगाएगा।


अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।

लेखक

  • Chetan Pawar

    चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

    View all posts
Share URL copied
Written by
Chetan

चेतन पवार को शोधपरक लेखन में विशेष रुचि है। वर्तमान में वे हिंदी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए लेखन करते हैं, जहाँ वे समाचार और जानकारियों को स्पष्टता, सटीकता और सही संदर्भों के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। जटिल विषयों को सरल और प्रभावी हिंदी में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की पहचान है।

टेक्नोलॉजी108
विदेश255
देश298
व्यापार106
Adobe CEO शांतनु नारायण ने पद छोड़ने का फैसला किया है
विदेश

Adobe में बड़े बदलाव की तैयारी: CEO शांतनु नारायण छोड़ेंगे अपना पद, कर्मचारियों के नाम लिखा भावुक संदेश

दुनिया की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी एडोबी (Adobe) में एक बड़े युग का अंत होने जा रहा है। कंपनी के भारतीय मूल के...

Papmochani Ekadashi 2026: व्रत के नियम और तुलसी चालीसा
राशिफल

Papmochani Ekadashi 2026: व्रत में भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा!

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अपना एक अलग और विशेष महत्व है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी...

Trending Saree Designs 2026: साड़ियों के लेटेस्ट ट्रेंड्स
ट्रेंड्स

इस साल साड़ियों का बदल गया अंदाज़, इन 5 स्टाइल्स के बिना अधूरा है आपका वार्डरोब!

भारतीय नारी की सुंदरता और परंपरा का सबसे बड़ा प्रतीक ‘साड़ी’ अब नए अवतार में हमारे सामने है। साल 2026 में फैशन...

Related Articles