नई दिल्ली: खेल के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है। लेकिन हाल ही में एक ऐसी घटना घटी जिसने सरहद के उस पार खलबली मचा दी है। पाकिस्तान के इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी उबैदुल्लाह राजपूत (Ubaidullah Rajput) को अपनी एक ‘गलती’ की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। उबैदुल्लाह ने एक प्राइवेट टूर्नामेंट में न सिर्फ भारतीय टीम की जर्सी पहनी, बल्कि जीत के बाद हाथ में तिरंगा लेकर जश्न भी मनाया। इस घटना के बाद पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन (PKF) ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध (Indefinite Ban) लगा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद इसी महीने बहरीन में आयोजित एक प्राइवेट कबड्डी टूर्नामेंट, GCC कप के दौरान शुरू हुआ। सोशल मीडिया पर उबैदुल्लाह राजपूत के कई वीडियो और तस्वीरें वायरल होने लगीं। इन तस्वीरों में पाकिस्तानी स्टार खिलाड़ी को नीले रंग की भारतीय जर्सी पहने देखा गया। इतना ही नहीं, एक मैच जीतने के बाद वह अपने कंधों पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा लपेटे हुए भी नजर आए।
जैसे ही ये तस्वीरें पाकिस्तान पहुंचीं, वहां के खेल गलियारों में हड़कंप मच गया। पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन ने तुरंत शनिवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में यह निष्कर्ष निकाला गया कि राजपूत ने न केवल नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि देश की भावनाओं के खिलाफ भी काम किया है।
फेडरेशन ने क्यों लिया कड़ा फैसला?
पाकिस्तान कबड्डी फेडरेशन (PKF) के सचिव राणा सरवर ने इस प्रतिबंध की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि राजपूत बिना किसी NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के विदेश दौरे पर गए थे। किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को विदेश में खेलने के लिए फेडरेशन और संबंधित सरकारी अधिकारियों से लिखित अनुमति लेनी होती है, जिसे उबैदुल्लाह ने पूरी तरह नजरअंदाज किया।
राणा सरवर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “फेडरेशन ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। राजपूत न केवल बिना मंजूरी के विदेश गए, बल्कि उन्होंने एक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया, उनकी जर्सी पहनी और मैच जीतने के बाद भारतीय झंडा लहराया। यह नियमों और अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है।”
खिलाड़ी की सफाई: “मुझसे गलती हुई”
विवाद बढ़ता देख उबैदुल्लाह राजपूत ने अपनी सफाई पेश की और माफी भी मांगी। उनका कहना है कि यह सब एक गलतफहमी की वजह से हुआ। राजपूत के मुताबिक, उन्हें बहरीन में खेलने के लिए आमंत्रित किया गया था और वह एक निजी टीम का हिस्सा थे।
राजपूत ने कहा, “मुझे बाद में पता चला कि टीम का नाम ‘इंडियन टीम’ रखा गया है। मैंने आयोजकों से भी कहा था कि वे भारत या पाकिस्तान जैसे देशों के नाम का इस्तेमाल न करें। पहले भी कई प्राइवेट लीग्स में भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ी साथ मिलकर खेले हैं, लेकिन कभी किसी देश के नाम पर टीम नहीं बनाई गई।”
उन्होंने आगे स्पष्ट किया, “मुझे गलत तरीके से पेश किया गया। मैं कभी सपने में भी पाकिस्तान के खिलाफ या किसी और देश के लिए खेलने का नहीं सोच सकता। भारत और पाकिस्तान के बीच के तनावपूर्ण रिश्तों को देखते हुए मैं ऐसा जानबूझकर कभी नहीं करता।”
अनुशासन का डंडा: सिर्फ राजपूत ही नहीं, और भी फंसे
सिर्फ उबैदुल्लाह राजपूत ही नहीं, फेडरेशन ने उन अन्य खिलाड़ियों पर भी प्रतिबंध और जुर्माना लगाया है जिन्होंने बिना NOC के इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। PKF ने साफ कर दिया है कि अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि, राणा सरवर ने यह भी कहा कि राजपूत के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। वे अपना पक्ष फेडरेशन की अनुशासन समिति के सामने रख सकते हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस घटना के बाद इंटरनेट दो गुटों में बंट गया है। भारतीय फैंस जहां इस बात की सराहना कर रहे हैं कि खेल देशों के बीच की दूरियां मिटाता है, वहीं पाकिस्तानी फैंस इसे ‘राष्ट्रीय अपमान’ बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि एक प्रोफेशनल खिलाड़ी होने के नाते उबैदुल्लाह को पता होना चाहिए था कि वह किस टीम और किस जर्सी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
फिलहाल, उबैदुल्लाह राजपूत का करियर अधर में लटका हुआ है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उनकी माफी फेडरेशन का दिल पिघला पाती है या फिर यह उनके शानदार करियर का अंत साबित होगा।
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