नई दिल्ली: अगर आप भी शेयर बाजार के शौकीन हैं और नए स्टार्टअप्स पर दांव लगाना पसंद करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर आ रही है। क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) की दुनिया में तहलका मचाने वाली कंपनी जेप्टो (Zepto) अब शेयर बाजार में कदम रखने की पूरी तैयारी कर चुकी है। खबर है कि जेप्टो ने अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास शुरुआती दस्तावेज जमा कर दिए हैं।
11,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेप्टो इस आईपीओ के जरिए करीब 11,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह भारतीय स्टार्टअप जगत के सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है। खास बात यह है कि जेप्टो अगले साल यानी 2025 में शेयर बाजार में लिस्ट होने का लक्ष्य लेकर चल रही है। अगर सबकुछ योजना के मुताबिक रहा, तो जेप्टो भारत के सबसे कम उम्र के स्टार्टअप्स में से एक बन जाएगा जो शेयर बाजार में लिस्टेड होगा।
गोपनीय तरीके से दाखिल किए दस्तावेज
बाजार के सूत्रों ने जानकारी दी है कि जेप्टो ने अपने आईपीओ के लिए ‘कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग’ (Confidential Pre-filing) रूट को चुना है। इसका मतलब है कि कंपनी ने अपने ड्रॉफ्ट पेपर (DRHP) सेबी के पास जमा तो कर दिए हैं, लेकिन वे अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इस रूट का फायदा यह होता है कि कंपनी सेबी से शुरुआती फीडबैक ले सकती है और बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सही समय पर आईपीओ ला सकती है। आजकल कई बड़ी कंपनियां इसी रास्ते को अपना रही हैं।
दो युवाओं के सपने ने खड़ी की अरबों की कंपनी
जेप्टो की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। इसकी शुरुआत स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ड्रॉपआउट करने वाले दो युवा दोस्तों— आदित पलिचा और कैवल्य वोहरा ने की थी। इन दोनों ने महसूस किया कि भारतीय शहरों में लोगों को किराना सामान (Grocery) की तुरंत डिलीवरी की जरूरत है। इसी सोच के साथ ’10 मिनट डिलीवरी’ का मॉडल शुरू हुआ और देखते ही देखते जेप्टो घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम बन गया।
कैसा है जेप्टो का अब तक का सफर?
यूनिकॉर्न का दर्जा: जेप्टो ने अगस्त 2023 में ही ‘यूनिकॉर्न’ (1 अरब डॉलर से अधिक वैल्यूएशन वाली कंपनी) बनने का गौरव हासिल कर लिया था।
मौजूदा वैल्यूएशन: आज की तारीख में जेप्टो की वैल्यूएशन लगभग 7 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 59,000 करोड़ रुपये) आंकी गई है।
भारी निवेश: कंपनी अब तक अलग-अलग फंडिंग राउंड्स में करीब 1.8 अरब डॉलर यानी 16,000 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।
बाजार में किससे है मुकाबला?
शेयर बाजार में जेप्टो की एंट्री ऐसे समय में हो रही है जब उसके प्रतिद्वंद्वी जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) पहले ही लिस्ट हो चुके हैं। जहां जोमैटो ने बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है, वहीं स्विगी ने भी हाल ही में अपना आईपीओ लॉन्च किया था। अब जेप्टो की एंट्री से क्विक कॉमर्स सेगमेंट में जंग और तेज होने वाली है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि यह ‘यंग कंपनी’ बाजार में लिस्ट होकर क्या कमाल दिखाती है।
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