नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिकी फाइनेंसर और हाई-प्रोफाइल सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) की काली दुनिया के राज अब एक-एक कर बाहर आने लगे हैं। अगर आपको लग रहा था कि पिछले हफ्ते आई तस्वीरें ही सब कुछ थीं, तो आप गलत हैं। अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) ने खुलासा किया है कि उन्हें एपस्टीन से जुड़े 10 लाख से ज्यादा नए दस्तावेज मिले हैं। ये दस्तावेज इतने विस्फोटक हो सकते हैं कि दुनिया के कई बड़े दिग्गजों की रातों की नींद उड़ गई है।
10 लाख फाइल्स और हफ्तों का इंतजार
अमेरिकी न्याय विभाग ने बुधवार को साफ किया कि इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से पहले उनकी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इतने भारी-भरकम कंटेंट को छांटने, रिव्यू करने और एडिट करने में अभी कुछ हफ्तों का समय और लगेगा। ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत इन्हें जारी किया जाना है, जिसे हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस ने सर्वसम्मति से पास किया था।
कौन था जेफरी एपस्टीन और कैसे हुआ खुलासा?
जेफरी एपस्टीन महज एक अमीर फाइनेंसर नहीं था, बल्कि उसकी पहुंच अमेरिका के सबसे शक्तिशाली गलियारों तक थी। वह अपनी लग्जरी आइलैंड पार्टियों के लिए मशहूर था, जहाँ बड़ी-बड़ी हस्तियां, मॉडल और रईस लोग शामिल होते थे। लेकिन इस चकाचौंध के पीछे नाबालिगों की तस्करी और यौन शोषण का एक घिनौना जाल बिछा था।
जब मामला खुला, तो पूरी दुनिया दंग रह गई। कोर्ट ने उसे दोषी पाया, लेकिन 2019 में जेल के अंदर ही एपस्टीन ने आत्महत्या कर ली। उसकी कथित प्रेमिका घिसलेन मैक्सवेल अभी भी 20 साल की सजा काट रही है।
ट्रंप और क्लिंटन जैसे दिग्गजों का नाम
पिछले हफ्ते जो तस्वीरें और रिकॉर्ड जारी हुए, उन्होंने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। इनमें डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, पॉप स्टार माइकल जैक्सन, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू, और सुपरमॉडल नाओमी कैंपबेल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
हालांकि, न्याय विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि फाइलों में नाम होने का मतलब यह कतई नहीं है कि वे लोग किसी अपराध में शामिल थे। ये रिकॉर्ड्स कॉल लॉग, कॉन्टैक्ट बुक्स और ग्रैंड जूरी की गवाही का हिस्सा हैं।
क्यों हो रही है देरी?
दरअसल, इन फाइलों को रिलीज करने की डेडलाइन 19 दिसंबर थी, लेकिन सरकार इसे पूरा नहीं कर पाई। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने बताया कि देरी की मुख्य वजह पीड़ितों की पहचान को सुरक्षित रखना है। फाइलों से उन मासूमों के नाम और पहचान हटाना जरूरी है जिनका शोषण हुआ।
एफबीआई और न्यूयॉर्क के अटॉर्नी कार्यालय के पास मौजूद इन 10 लाख पन्नों के लिए उनकी टीम ‘राउंड द क्लॉक’ काम कर रही है। आने वाले दिनों में जब ये दस्तावेज सार्वजनिक होंगे, तो मुमकिन है कि बिजनेस, राजनीति और एंटरटेनमेंट जगत के कई और बड़े चेहरे बेनकाब हों।
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