शेयर बाजार में इस समय उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, लेकिन कुछ स्टॉक्स ऐसे हैं जो अपनी असली वैल्यू से काफी नीचे ट्रेड कर रहे हैं। ऐसा ही एक नाम है रॉयल आर्किड होटल्स (Royal Orchid Hotels – ROHL)। अगर आप भी होटल सेक्टर के शेयरों में दिलचस्पी रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। पिछले 3 महीनों में इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को मायूस किया है और करीब 25% तक टूट चुका है। लेकिन क्या यह गिरावट एक बड़ा मौका है? आइए विस्तार से समझते हैं।
इंडिगो संकट और होटल इंडस्ट्री का हाल
दिसंबर महीने की शुरुआत में इंडिगो एयरलाइंस के संकट ने थोड़ा तनाव पैदा किया था। उड़ानों के कैंसिल होने से होटल इंडस्ट्री पर हल्का असर जरूर पड़ा, लेकिन एक दिलचस्प बात यह रही कि होटल्स में मेहमानों के रुकने की अवधि (Stay period) बढ़ गई। इससे कैंसिलेशन से हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो गई। जानकारों का मानना है कि तीसरी तिमाही (Q3) हमेशा से होटल इंडस्ट्री के लिए ‘गोल्डन पीरियड’ होती है।
शादियों का सीजन और ‘आइकोनिका’ का जादू
सर्दियों के इस मौसम में शादियों की धूम और छुट्टियों के कारण ट्रैवल सेक्टर में भारी उछाल देखा जा रहा है। इसका सीधा फायदा ROHL को मिलने वाला है। कंपनी ने हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट के पास अपना नया होटल ‘Iconiqa’ (आइकोनिका) खोला है, जिसे ग्राहकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है।
मैनेजमेंट को भरोसा है कि आइकोनिका इसी तिमाही में ‘ब्रेक-इवन’ (Break-even) की स्थिति में आ जाएगा। यानी, यह होटल अब सीधे कंपनी के मुनाफे में योगदान देना शुरू कर देगा, जिससे फाइनेंशियल प्रेशर कम होगा। उम्मीद है कि इस तिमाही में कंपनी की ग्रोथ डबल डिजिट में रहेगी।
2030 तक 22,000 कमरों का लक्ष्य: आक्रामक विस्तार योजना
रॉयल आर्किड होटल्स ने भविष्य को लेकर बड़े सपने बुने हैं। कंपनी ने एक नया ब्रांड आर्किटेक्चर पेश किया है, जिसमें 5 नए सब-ब्रांड्स शामिल किए गए हैं। इनका मकसद हर तरह के कस्टमर की जरूरतों को पूरा करना है।
टारगेट: 2030 तक रूम की संख्या 22,000 तक पहुँचाना।
शॉर्ट टर्म प्लान: जल्द ही 2,500 नए रूम जोड़े जाएंगे।
रणनीति: कंपनी रेवेन्यू शेयर और लीज बेसिस पर नई प्रॉपर्टीज लेकर अपनी रफ्तार बढ़ा रही है।
डिमांड और सप्लाई का खेल: बढ़ेगी कमाई?
कोविड के बाद से होटल रूम्स की डिमांड बढ़ी है, लेकिन सप्लाई उस हिसाब से नहीं हो पा रही है। नए प्रोजेक्ट्स के तैयार होने में समय लग रहा है, जिससे रूम्स के दाम (Pricing) ऊंचे बने रहने की उम्मीद है। आध्यात्मिक टूरिज्म (Spiritual Tourism) और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते अगले कुछ सालों तक इस सेक्टर में डबल डिजिट ग्रोथ (CAGR) दिख सकती है।
क्या निवेश करना है फायदेमंद?
जहाँ पिछले 3 महीनों में निफ्टी 50 ने 4% की बढ़त दिखाई, वहीं ROHL 25% गिर गया। लेकिन स्टॉक मार्केट में अक्सर गिरते हुए अच्छे शेयर खरीदारी का मौका देते हैं।
वैल्यूएशन: FY27 के अनुमानित EV/EBITDA का 11.6 गुना है, जो पूरी इंडस्ट्री में सबसे आकर्षक और सस्ता है।
मौजूदा स्थिति: 26 दिसंबर को शेयर 407 रुपये पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के नजरिए से यह स्टॉक निवेशकों की झोली भर सकता है। हालांकि, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा जरूर करें।
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