दुनिया भर से इस वक्त बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव आसमान छू रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत के पड़ोस और अमेरिका से जुड़ी दो बड़ी रिपोर्ट्स ने सनसनी फैला दी है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
1. क्रिसमस पर रूस की बड़ी हिमाकत: ब्रिटेन के पास मंडराए ‘परमाणु’ विमान
रूस ने इस साल क्रिसमस के मौके पर शांति के बजाय शक्ति प्रदर्शन का रास्ता चुना। रूस के घातक Tu-95MS बमवर्षक विमानों को ब्रिटेन की उत्तरी सीमा के पास नॉर्वेजियन सागर के ऊपर उड़ते देखा गया। आपको बता दें कि ये वही विमान हैं जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं।
रूस की इस हरकत ने पूरे NATO (नाटो) गठबंधन को हिला कर रख दिया। जैसे ही रूसी विमानों की भनक लगी, नाटो ने तुरंत अपने फाइटर जेट्स को हवा में तैनात कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इन रूसी बमवर्षकों की सुरक्षा में Su-33 फाइटर जेट्स भी तैनात थे। इसे पश्चिमी देशों के लिए पुतिन का सीधा संदेश माना जा रहा है।
2. “चीन-भारत के बीच दरार डाल रहा है अमेरिका”: भड़का चीन
भारत और चीन के रिश्तों पर हाल ही में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ‘पेंटागन’ की एक रिपोर्ट आई थी, जिसे चीन ने सिरे से खारिज कर दिया है। चीन ने आरोप लगाया कि अमेरिका जानबूझकर दोनों देशों के बीच गलतफहमियां पैदा करना चाहता है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, “LAC का मुद्दा भारत और चीन का निजी मामला है और हम बातचीत के जरिए इसे सुलझा रहे हैं।” पेंटागन ने दावा किया था कि चीन पाकिस्तान से दोस्ती बढ़ाकर भारत को घेर रहा है, जिस पर बीजिंग ने कहा कि अमेरिका ‘चीन के खतरे’ को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा है ताकि अपना फायदा साध सके।
3. खुलासा: क्या नोबेल शांति पुरस्कार के चक्कर में ट्रम्प ने बिगाड़े भारत से रिश्ते?
एक चौंकाने वाला दावा अमेरिकी प्रोफेसर और प्रसिद्ध विचारक फ्रांसिस फुकुयामा ने किया है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प चाहते थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनके नाम का समर्थन करें। जब ऐसा नहीं हुआ, तो ट्रम्प ने इसे अपनी निजी हार मान लिया और भारत के साथ अमेरिकी रिश्तों को नुकसान पहुंचाया। फुकुयामा के अनुसार, ट्रम्प का अहंकार अक्सर अमेरिका के राष्ट्रीय हितों पर भारी पड़ा, जिसका खामियाजा भारत जैसे अहम साझेदार को भुगतना पड़ा।
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