अमेरिकी इतिहास के सबसे काले और विवादास्पद अध्यायों में से एक ‘जेफरी एपस्टीन फाइल्स’ ने एक बार फिर पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की मौत के सालों बाद अब उसके नेटवर्क से जुड़ी फाइलों ने वाशिंगटन से लेकर हॉलीवुड तक हलचल मचा दी है। हाल ही में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने कुछ नए दस्तावेज जारी किए हैं, जिसके बाद अमेरिका की राजनीति में जबरदस्त भूचाल आ गया है।
डेडलाइन खत्म, पर फाइलों पर ‘काली स्याही’ का पहरा
‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत अमेरिकी कांग्रेस ने सख्त आदेश दिया था कि 19 दिसंबर 2025 तक सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए। लेकिन जब DOJ ने फाइलें जारी कीं, तो एक नया विवाद खड़ा हो गया। हजारों पन्नों वाली इन फाइलों में से 550 से ज्यादा पेज पूरी तरह काले (Redacted) कर दिए गए हैं। पुलिस के बयान, जांच रिपोर्ट और कई अहम तस्वीरें गायब हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखने के लिए किया गया है, लेकिन विपक्ष इसे ‘कवर-अप’ यानी सच छिपाने की साजिश बता रहा है। विवाद इतना बढ़ गया है कि अमेरिकी सांसदों ने अटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी को ‘कंटेम्प्ट ऑफ कांग्रेस’ (संसद की अवमानना) की चेतावनी दे दी है।
‘यह अच्छी है, है ना?’ – ट्रंप और 14 साल की लड़की का वो किस्सा
इन फाइलों में सबसे चौंकाने वाला दावा वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर है। कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, 1990 के दशक में फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में एपस्टीन ने ट्रंप को 14 साल की एक लड़की से मिलवाया था।
दस्तावेजों में जिक्र है कि मुलाकात के दौरान एपस्टीन ने ट्रंप को कोहनी मारते हुए लड़की की तरफ इशारा किया और मजाकिया लहजे में कहा, “यह अच्छी है, है ना?” साल 2020 में दायर एक मुकदमे के अनुसार, ट्रंप ने इस बात पर मुस्कुराते हुए सिर हिलाया और दोनों हंसने लगे। वह लड़की उस समय इतनी छोटी थी कि उसे समझ ही नहीं आया कि वे दोनों उस पर क्यों हंस रहे थे।
क्या कुछ छिपा रहा है ट्रंप प्रशासन?
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैक्सन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन इतिहास का सबसे पारदर्शी प्रशासन है। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने ही एपस्टीन से जुड़े डेमोक्रेट्स की जांच की मांग की है। हालांकि, शनिवार को एक फाइल से ट्रंप की फोटो अचानक हटा दी गई और विवाद बढ़ने पर उसे 24 घंटे बाद वापस लाया गया। इस घटना ने संदेह को और गहरा कर दिया है।
डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच का कहना है कि अभी ‘कई लाख’ पन्नों की समीक्षा बाकी है और उन्हें धीरे-धीरे जारी किया जाएगा। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि 2004 के बाद उनका एपस्टीन से कोई लेना-देना नहीं रहा। अब देखना यह है कि आने वाले हफ्तों में जब और फाइलें खुलेंगी, तो किन-किन रसूखदारों के चेहरे बेनकाब होंगे।
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