बॉलीवुड की खूबसूरत एक्ट्रेस कैटरीना कैफ और उनके पति विक्की कौशल के घर खुशियों ने दस्तक दी है। दोनों 7 नवंबर को बेटे के माता-पिता बने। शादी के करीब चार साल बाद इस कपल ने अपने पहले बच्चे का स्वागत किया है। खास बात यह है कि कैटरीना की उम्र इस समय 42 साल है, ऐसे में सोशल मीडिया पर एक सवाल तेजी से सामने आ रहा है—क्या 40 की उम्र के बाद नॉर्मल डिलिवरी संभव है? क्या इस उम्र में मां और बच्चे के लिए जोखिम बढ़ जाते हैं?
इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए एम्स की पूर्व एचओडी और वर्तमान में फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम की ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डायरेक्टर डॉ. सुनीता मित्तल ने अपनी विशेषज्ञ राय साझा की है।
40+ में मां बनने पर क्या बढ़ जाते हैं खतरे?
डॉ. सुनीता बताती हैं कि अगर कोई महिला 35 साल या उसके बाद पहली बार मां बनती है, तो मेडिकल भाषा में इसे Elderly Primigravida कहा जाता है। यह स्थिति सामान्य प्रेग्नेंसी की तुलना में अधिक जोखिमभरी मानी जाती है।
उनके मुताबिक 40+ की उम्र में गर्भधारण करने पर न सिर्फ मां बल्कि बच्चे के लिए भी कॉम्प्लिकेशंस बढ़ जाते हैं। इस दौरान महिलाओं में
जेस्टेशनल हाईपरटेंशन (प्रेग्नेंसी के दौरान हाई बीपी),
जेस्टेशनल डायबिटीज,
और सी-सेक्शन डिलिवरी का जोखिम ज्यादा होता है।
डॉक्टर बताती हैं कि डिलिवरी में जोखिम सिर्फ उम्र से ही नहीं बल्कि इस बात से भी तय होता है कि महिला पहली बार मां बन रही है या दूसरी-तीसरी बार।
पहली बार मां बनने पर होती हैं ज्यादा चुनौतियां
अगर कोई महिला 40+ में पहली बार प्रेग्नेंट होती है, तो उसके लिए प्रेग्नेंसी का पूरा सफर चुनौतीभरा हो सकता है।
कंसीव करने में परेशानी
गर्भावस्था में जटिलताएं
डिलिवरी के दौरान हाई रिस्क
इन सबके कारण अक्सर नॉर्मल डिलिवरी संभव नहीं हो पाती।
हालांकि, अगर महिला पूरी तरह स्वस्थ है—जैसे
✔ बच्चा और मां दोनों का वजन व स्वास्थ्य सही हो
✔ हाई बीपी, डायबिटीज जैसी समस्याएं न हों
तो डॉक्टर नॉर्मल डिलिवरी की कोशिश कर सकते हैं।
दूसरी-तीसरी बार मां बनना हो सकता है आसान
डॉ. सुनीता कहती हैं कि अगर महिला पहले भी प्रेग्नेंट रह चुकी है और डिलिवरी नॉर्मल हुई थी, तो इस उम्र में भी उसके दूसरी या तीसरी बार मां बनने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान हो सकती है।
इसमें
प्रेग्नेंसी के दौरान
और डिलिवरी के समय
दोनों ही स्थितियों में खतरा कम रहता है।
यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई बड़ी समस्या नहीं है, तो नॉर्मल डिलिवरी की संभावना भी अच्छी रहती है।
हालांकि हेल्थ इश्यू या जटिलताओं की स्थिति में डॉक्टर सी-सेक्शन को चुनते हैं।
चौथी-पांचवीं बार प्रेग्नेंसी में बढ़ जाती हैं मुश्किलें
40+ में चौथी या पांचवीं बार गर्भधारण करने पर मां और बच्चे—दोनों के लिए जोखिम बढ़ जाते हैं।
इस दौरान
डिलिवरी से जुड़े जोखिम
मेटरनल और फेटल कॉम्प्लिकेशंस
पोस्ट-डिलिवरी रिकवरी में ज्यादा समय
और पोषण की कमी
देखने को मिल सकती है।
कब है प्रेग्नेंसी और डिलिवरी का सही समय?
डॉक्टर के मुताबिक महिलाएं अगर मां बनना चाहती हैं तो जरूरी है कि वे कोशिश 30–35 साल के बीच करें। यही उम्र फर्टाइल एज मानी जाती है।
इस दौरान
कंसीव करना आसान होता है
जटिलताएं कम होती हैं
और नॉर्मल डिलिवरी की संभावना अधिक रहती है
साथ ही इस उम्र में शरीर अन्य बीमारियों से भी कम प्रभावित होता है।
कैटरीना की डिलिवरी नॉर्मल या C-Section?
फैंस यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि 42 की उम्र में कैटरीना की डिलिवरी नॉर्मल रही या सी-सेक्शन?
फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
लेकिन डॉक्टरों की राय बताती है कि 40+ में भी, अगर स्वास्थ्य स्थितियां सामान्य हों, तो नॉर्मल डिलिवरी की संभावना मौजूद रहती है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।








